GST से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा : जिलाधिकारी

कुशीनगर (ब्यूरो) जीएसटी यानि वस्तु एवं सेवा कर की नई व्यवस्था से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। जीएसटी के सभी कार्य आनलाइन होने से पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। लेनदेन लिखित में होगा। कर की चोरी बंद होगी, तो देश को बड़े स्तर पर राजस्व की प्राप्ति होगी। निश्चित ही इससे आधारभूत संरचनाओं के विकास में बदलाव आएगा। यह बातें जिलाधिकारी आंद्रा वामसी व डिप्टी कमिश्नर वस्तु एवं सेवा कर एसके तिवारी ने संयुक्त रूप से जारी विज्ञप्ति में कही।

जीएसटी की व्यवस्था में रिफंड आनलाइन सीधे बैंक के खाते में चला जाएगा। रोजगार के नए-नए अवसर प्राप्त होंगे। आसान कर प्रणाली के कारण अब रिकार्ड रखना पहले से आसान हो जाएगा। केवल पांच फीसद व्यापारियों का ही वार्षिक आडिट होगा। जीएसटी कर व्यवस्था में तीन कार्य दिवस में पंजीयन प्राप्त हो जाएगा। इसके लिए कोई शुल्क भी देय नहीं होगा। छोटे व्यापारियों के लिए जीएसटी में 75 लाख तक टर्नओवर पर वैकल्पिक समाधान योजना लागू है। टैक्स रिटर्न दाखिल करना आसान हो जाएगा। आनलाइन प्रणाली से सभी कार्य किए जाने के कारण भाग-दौड़ की समस्या खत्म हो जाएगी। जीएसटी के अस्तित्व में आने से सभी प्रकार के करों एक में समाहित होने से पहले के 16 प्रकार के करों से छुटकारा मिल जाएगा।

डिप्टी कमिश्रर ने बताया कि अनाज पर लगने वाले पांच फीसद वैट से अब मुक्ति मिल जाएगी। कोयला पर 11.70 फीसद वैट की जगह व पांच फीसद जीएसटी लगेगा। केश तेल, दंतमंजन व साबुन पर लगता रहा 24 फीसद वैट अब जीएसटी में 18 फीसद लगेगा। मनोरंजन कर 40 से घटकर 28 फीसद हो जाएगा। नान एसी रेस्टारेंट पर वैट 20 की वजाय 12 फीसद होगा। एसी रेस्टारेंट पर 25 फीसद के बदले 18 फीसद जीएसटी लगेगा। डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ पर 15 की वजाय 12 फीसद जीएसटी लगेगा। कंप्यूटर पर 15 फीसद वैट की वजाय 12 फीसद जीएसटी लगेगा। खाद्य तेल, चाय व काफी पर 10 फीसद वैट के स्थान पर जीएसटी में पांच फीसद चार्ज होगा।

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