सड़क पर भीख मांगने या फिर अन्य अस्वीकार्य कार्य करने से बेहतर है कि महिलाये बार में नृत्य करें – सुप्रीमकोर्ट

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दिल्ली- देश की सर्वोच्च न्यायालय माननीय सुप्रीमकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की खिंचाई करते हुए सख्त आदेश जारी किये है कि, “महाराष्ट्र सरकार प्रदेश में डांस बारों को चलने और खोलने की अनुमति दे I” न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति शिवकीर्ति सिंह की खंडपीठ ने कहा है कि, “अपने गुजर बसर के लिए सड़कों पर भीख मांगने या फिर अन्य कोई अस्वीकार्य कार्य करने से तो बेहतर है कि महिलाएं एक स्टेज पर डांस करें I

साथ ही सुप्रीमकोर्ट ने यह भी कहा है कि प्रदेश सरकार को कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा का संरक्षण करना होगा I माननीय सुप्रीमकोर्ट ने तल्खी के साथ महाराष्ट्र सरकार से सवाल किया कि, “आपने हमारे आदेश का पालन क्यों नहीं किया है? आप कैसे प्रमाण-पत्र चाहते हैं? हमने आपसे पिछली बार कहा था कि आपको संवैधानिक मानदंडों का पालन करना होगा I”

इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (आईएचआरए) की याचिका पर सुनवाई हो रही थी –
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार की तरफ से बनाये गए नियमों के विरुद्ध इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (आईएचआरए) ने सुप्रीमकोर्ट में एक याचिका दायर की थी जिसमें यह कहा गया था कि, “महाराष्ट्र सरकार के जो नियम है उनका पालन करते हुए मुंबई में बार चलाना और खोलना बिलकुल असंभव है I उदहारण के तौर पर बताया गया है कि सरकार ने नियम बनाया है कि, “किसी भी धार्मिक संस्थान या फिर किसी भी शिक्षण संस्थान के 1 किलोमीटर के दायरे में कोई भी डांस बार नहीं होना चाहिए I” इस मामले पर कोर्ट में कहा गया है कि मुंबई में तो यह संभव ही नहीं हो सकता है I

मान ली गयी महराष्ट्र सरकार की भी बात –
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार की तरफ से सुप्रीमकोर्ट में पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद की यह दलील मान ली कि राज्य सरकार को सुनिश्चित करना है कि डांस बारों में कोई ‘अश्लीलता’ न हो और महिलाओं की गरिमा वहां सुरक्षित रहेI विवादित शर्तों पर कोर्ट ने डांस बार मालिकों और पुलिस दोनों से कहा कि जिन शर्तों पर आपसी सहमति बनी थी, उसका पालन करें। ये शर्तें कोर्ट के पहले के आदेशों में शामिल थीं I

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