भारत की सर्वोच्च न्यायालय ने ठुकरायी याकूब मेनन की दया याचिका, कल सुबह 7 बजे हो सकती हैं फाँसी

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याकूब मेमन फाइल फोटो
याकूब मेमन फाइल फोटो

1993 में मुंबई में हुए सीरयल बम धमाकों के आरोपी याकूब मेमन की अर्जी पर आज सुप्रीम कोर्ट के 3 वरिष्ट जजों ने सुनवायी करने के बाद साफ़ कर दिया हैं कि अब इस केस में कुछ भी सुनने के लिए नहीं बचा हैं और भारत की सर्वोच्च न्यायालय ने भी यह कहा हैं कि वर्ष 2007 में टाडा कोर्ट ने जो सजा सुनायी थी वह बिलकुल सही हैं I

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले ही याकूब मेमन की तरफ से एक दया याचिका भारत के राष्ट्रपति महामहिम प्रणबमुखर्जी के पास भी भेजी गयी थी I जिस पर अपना निर्णय सुनाने से पहले महामहिम राष्ट्रपति महोदय ने गृहमंत्रालय से सलाह मांगी हैं I महामहिम राष्ट्रपति ने गृहमंत्रालय से पूछा हैं कि क्या अभी इस मामले में कुछ शेष बचा हुआ हैं ? कोई नया आधार हैं क्या इसमें ?

राज्यपाल ने भी ठुकरायी दया याचिका –

1993 मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट के आरोपी याकूब मेमन की तरफ से एक दया याचिका महाराष्ट्र के राज्यपाल के पास भी भेजी गयी थी लेकिन आज महाराष्ट्र के राज्यपाल ने भी याकूब की दया याचिका को ठुकरा दिया हैं और उन्होंने भी यह साफ़ कर दिया कि अब तक सुप्रीमकोर्ट, टाडाकोर्ट और राष्ट्रपति ने जिन आधारों को मद्देनजर रखते हुए दया याचिका ठुकरायी थी वही सही हैं और याकूब को फाँसी देने में कुछ भी गलत नहीं हैं I

अब अगर गृहमंत्रालय समय से अपना जवाब राष्ट्रपति महोदय को भेज देता हैं और महामहिम राष्ट्रपति अपना निर्णय समय रहते सुना देते हैं तो कल सुबह 7 बजे महाराष्ट्र की नागपुर जेल में याकूब मेमन को फाँसी दे दी जायेगी |

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