दून अस्पताल का हाल- मरीज तो छोडिए, सर्जन भी बेबस हैं

0
104

देहरादून ब्यूरो : सरकार की MSBY योजना का हाल बेहाल है, शुक्रवार को दून अस्पताल में 5 ऑपरेशन डाक्टर्स को सिर्फ इसलिए कैंसिल करने पड़े क्योंकि जिस कंपनी को इस योजना के तहत सामान पहुंचाने का ठेका मिला है उसने वक्त पर अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में सामान नहीं पहुचाया।

एमएस मेडिकोज कंपनी की इन मनमानी से सिर्फ मरीज और तीमारदार ही परेशान हों ऐसा नहीं है दून अस्पताल के कई गंभीर डाक्टर भी कंपनी के रवैए से परेशान हैं।  जरूरत के वक्त पर सामान न मिलने से जहां डाक्टर्स का समय बर्बाद हो रहा है वहीं मरीज को भी ज्यादा वक्त तक पीड़ा झेलने को मजबूर होना पड़ रहा है।

अस्पताल मे कार्यरत सर्जनों की माने तो एमएस कंपनी के इस लापरवाह रवैए से जहां उनका पेंडिंग काम बढ जाता है । वहीं मरीज और तिमारदारों को खामुखां परेशान होना पड़ता है। बावजूद इसके कंपनी की लापरवाही जारी है। कंपनी के रवैए से परेशान तीमारदारों ने दून अस्पताल के प्रभारी डा.केसी पंत से कंपनी की शिकायत की तो सामान सप्लायर कंपनी ने दून अस्पताल के सिर ही इसका ठीकरा फोड दिया। कंपनी ने डा पतं से उल्टा कर्मचारियों की गैरहाजिर होने की शिकायत की।

सूत्रों की माने तो ये कंपनी का रोज का काम है। हाल ये हैं कि कंपनी या तो दबाव बनाकर अपना बजट बढवाती है या फिर मरीजों और उनके तीमारदारों से पैसे लेकर MSBY के नाम पर बिल कटवाती है। हालांकि नाराज लोगों के आरोपों पर गौर करें तो कमीशनखोरी के चलते कंपनी दून अस्पताल मे अपने कारनामें को अंजाम दे रही है।  बहरहाल असल बात ये है कि मरीजों की जान पर कमीशन और मुनाफा कमाने के आरोप की जांच होनी चाहिए ताकि ऑपरेशन टेबल पर न मरीज परेशान हों और न डाक्टर।  वरना योजना की मिट्टी पलीद तो हो ही रही है सरकार की साख पर भी बट्टा लग रहा है। जबकि मुनाफा कंपनी लूट रही है |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here