अब और अधिक मजबूत होंगी हिन्दुस्तानी सेनायें, मोदी सरकार ने रूस, इजरायल और फ्रांस के साथ की 20,000 करोंड की रक्षा डील

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नई दिल्ली- केंद्र में जब से मोदी सरकार आई है तभी से लगातार सेना को मजबूत करने और किसी भी विषम परिस्थिति में दुश्मनों के दांत खट्टे करने के लिए हिदुस्तानी सेना को मजबूत और अधिक मजबूत करने के लिए सतत्त प्रयास जारी है | बता दें कि इन प्रयासों में तब खासा तेजी देखने को मिली जिस समय भारत ने 29 सितंबर को पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया है |

दरअसल आपको बता दें कि इसी सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत सरकार ने बीते मात्र 3 महीनों में रूस, फ्रांस और इजरायल के साथ गोला, बारूद के साथ ही साथ सेना के लिए अन्य साजों सामान की तकरीबन 20,000 करोंड रूपये की डील की है | मोदी सरकार ने यह डील अचानक से इतने बड़े स्तर पर इसीलिए की है क्योंकि किसी भी तरह के इमरजेंसी हालातों में यदि सेना को युद्ध का सामना करना पड़े तो हमारे सैनिक बिना किसी चिंता के कम से कम 10 दिनों तक बेहद आसानी से भीषण-से भीषण युद्ध कर सके |

देश के एक प्रतिष्ठित अंग्रेजी अखबार ‘द टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ ने रक्षा मंत्रालय के अपने सूत्रों के हवाले से छापा है की इन 20 हजार करोंड रुपयों की डील जो भारत सरकार ने रूस, फ्रांस और इज़रायल के साथ की है सेना को युद्ध के किसी भी हालात में गोला, बारूद और हथियारों की किसी भी तरह की कोई कमीं न हो इसके लिए की गयी है |

सरकार ने बनायीं तीनों सेनाओं के वाइस प्रमुखों को मिलाकर एक समिति-
उधर आपको बता दें कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद ही भारत सरकार ने 3 सेना के वाइस प्रमुखों की अध्यक्षता वाली एक समिति का भी निर्माण किया है | केंद्र की मोदी सरकार ने इस समिति को विशेष वित्तीय निर्णय लेने की खुली छूट दे रखी है | बता दें कि इस बार भले ही सेना को दिए जाने वाले बज़ट में कोई खासी बढ़ोत्तरी न की गयी हो लेकिन फिर भी आशा है की मोदी सरकार भारतीय सेना को मजबूत और अधिक मजबूत बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ने वाली है |

वायु सेना ने किये 9200 करोंड रूपये की डील तो सेना ने भी रूस के साथ किये 5800 करोंड रूपये की डील-
बता दें कि रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय वायु सेना ने सुखोई-30एमकेआई, मिराज 2000 और मिग29 सहित अन्‍य लड़ाकू व ट्रांसपोर्ट विमानों के लिए 9200 करोड़ रुपये के 43 कॉन्‍ट्रेक्‍ट किए हैं | जबकि भारतीय सेना ने रूस की 10 कंपनियों के साथ तकरीबन 5800 करोंड रूपये के करार किये है | इन करारों में आपको बता दें कि टैंक टी-90 और टी-72 के लिए इंजन, 125एमएम APFSDS गोला-बारूद की खरीद होगी | एंटी टैंक मिसाइल और स्‍मर्च रॉकेट भी खरीदे जा रहे हैं | हालांकि नए ऑर्डर के बावजूद सुरक्षाबलों के पास युद्ध रिजर्व जरुरत के हिसाब से एक तिहाई ही होगा | पिछले साल की रिपोर्ट के अनुसार सेना के पास रिजर्व गोला बारूद नहीं है|
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