अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने की शिक्षा विभाग पर सर्जिकल स्ट्राइक

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रायबरेली (ब्यूरो) शिक्षा विभाग के अधिकारियों व शिक्षा माफियाओं के साथ चल रही साँठ-गाँठ से नाराज़ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में प्रदर्शन किया। परिषद के जिला संयोजक अंकुर गुप्ता ने जिले में चल रहे मानक के विपरीत विद्यालयों के खिलाफ कार्यवाही की माँग की जिसमें ऐसे विद्यालय जिनकी मान्यता प्राइमरी की है और इण्टर कालेज चला रहे हैं। उदाहरण के तौर पर ऊँचाहार में खण्ड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के निकट मानक को ताक पर रखकर विद्यालय चल रहे हैं। ऐसे में कोई घटना होती है तो कौन जिम्मेदार होगा।

नगर मंत्री शुभम् पाठक एवं नगर सहमंत्री आशीष जायसवाल ने निम्न बिन्दुओं के साथ ज्ञापन दिया:-
अप्रैल से सत्र प्रारम्भ होने के बावजूद विद्यालय में पुस्तकें नहीं पहुँची, साथ ही यूनीफार्म, बैग आदि का वितरण नहीं हुआ। अध्यापकों से शिक्षण के अलावा अन्य सरकारी काम न लिया जाये, निजी विद्यालयों के फीस में अतिरिक्त अप्रत्यक्ष रूप से डेवलेपमेन्ट, सांस्कृतिक कार्यक्रम, ट्रान्सपोर्ट, कोचिंग के नाम पर अप्रत्यक्ष रूप से अभिभावकों से अवैध वसूली अधिकारियों की साँठ-गाँठ से की जा रही है। इस पर तत्काल रोक लगे। विद्यालयों के जर्जर भवन में शौचालय-रहित अव्यवस्थाओं के बीच सम्भावित दुर्घटनाओं की आहट के साथ शिक्षा प्राप्त करने वाले नौनिहालो पर हमेशा खतरा मंडराता है। सरकार से तन्ख्वाह लेने वा गुरूजन कोचिंग के नाम पर अतिरिक्त कमाई का रास्ता ढँूढते हैं। ऐसे बहुत से अध्यापक हैं, जिनकी ड्यूटी विद्यालयों में है परन्तु या तो वो शिक्षा विभाग की राजनीति कर रहे हैं या तो कार्यालयों में अटैच हैं, शिक्षा से उनका कोई सरोकार ही नहीं है। ऐसे लोगों के विरुद्ध भी कार्यवाही होनी चाहिए।

प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं में अनुराग शुक्ला, राजवीर सिंह, सौरभ गुप्ता, संतोष, रवि सोनी, अभिषेक शुक्ला, राजा भदौरिया, विनय पाल, प्रशान्त मिश्रा, दीपक कुमार, आकाश मौर्या, राहुल अवस्थी, पंकज, विशाल त्रिवेदी, अतुल सिंह, नीलेश सचान, विवेक तिवारी, अमन सिंह आदि कार्यकर्ता रहे।

रिपोर्ट – राहुल यादव

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