कुम्भ मेले में खोये लोगों को मिलाने वाले राजाराम तिवारी नहीं रहे

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गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर लगने वाले मेलों में भूले-बिसरों को अपनों से मिलाने वाले वयोवृद्ध समाजसेवी राजाराम तिवारी नहीं रहे। शनिवार को उनका निधन हो गया। राजाराम तिवारी उर्फ भूले बिसरे तिवारी के निधन की खबर से संगमनगरी में भी दुख छा गया।

मूल रूप से प्रतापगढ़ के रहने वाले 87 वर्षीय राजाराम तिवारी दारागंज में रह रहे थे। यहीं उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार शाम को दारागंज घाट पर किया जाएगा। राजाराम तिवारी सात दशक से भी अधिक समय से माघ मेला, कुंभ मेला और अर्द्धकुंभ मेला में भूले-बिसरों को अपनों से मिलाते आ रहे थे। वह अब तक तकरीबन 14 लाख लोगों को मिला चुके थे। मेले में उनकी इसी सेवा की वजह से उनका नाम राजाराम तिवारी से ‘भूले बिसरे तिवारी’ पड़ गया था।

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