तुर्कपट्टी स्थित सूर्य मंदिर की प्रतिमा, कोणार्क में स्थित सूर्य मंदिर से भी पुरानी

0
50

कुशीनगर (ब्यूरो) जनपद के तुर्कपट्टी बाजार स्थित सूर्य मंदिर में स्थापित भगवान सूर्य की प्रतिमा कोर्णाक मंदिर में स्थापित प्रतिमा से भी पुरानी है बर्ष १९८१ में लोगो द्वारा स्वत: की गई खुदाई से मिली इस प्रतिमा की प्राचीनता को पुरातत्व विशेषज्ञ भी प्रमाणित कर चुके हैं | भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर से २० किमी पूरब स्थित तुर्कपट्टी बाजार में मिली वह प्रतिमा छठी शताब्दी की बताई जाती है |

सूर्य मंदिर के प्रबंध समिति के सदस्य व पूर्व ब्लांक प्रमुख नारायणी शाही के अनुसार यहां के एक व्यक्ति स्वप्न देख कर मिट्टी के अंदर सूर्य प्रतिमा दबी होने की बात बताई थी | उसी के कहने पर हुई खुदाई से यहां भगवान सूर्य की दो प्रतिमाएं मिली थी जिसमें से एक ९१ सेमी तथा दूसरी १०५ सेमी बनी थी बेशकीमती काले रंग के पत्थर की इस प्रतिमा की मिलने की जानकारी जब गोरखपुर युनिवर्सीटी के प्राचीन इतिहास विभाग के विशेषज्ञों के अलावा पुरातत्व विभाग के अफसरो ने भी इसकी जांच की थी|

बौद्धकाल में समृद्ध गणराज्य रहा था कुशीनगर
बौद्धकाल में समृद्ध गणराज्य रहा जनपद कुशीनगर गुप्त काल में भी अस्तित्व में था डीडीयू गोरखपुर युनिवर्सिटी के प्राचीन इतिहास विभाग के आचार्य प्रो.रजवंतराव कहते है कि कुशीनगर और आस-पास का क्षेत्र सूर्य पूजाओं का क्षेत्र रहा है | कोणार्क का सूर्य मंदिर दशवीं सदी का है जबकि तुर्कपट्टी के गुप्तकालीन सूर्य मंदिर की प्रतिमा को छठी सदी का बताया जा रहा है|

रिपोर्ट- राहुल पाण्डेय

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY