स्वयं सेवकों ने मनाया हिन्दू साम्राज्य दिवस

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रायबरेली (ब्यूरो)- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हिंदू साम्राज्य दिवस के मौके पर बछरावां, शिवगढ़, महाराजगंज, सलोन, डीह, नगर सहित सभी खंडों में मनाया। नगर में मधुकरशाखा अमरीशपुरी कॉलोनी में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ, कार्यक्रम में जिला संघचालक जागेश्वर द्विवेदी, नगर संघचालक बलराम अवस्थी आदि मौजूद रहे।

जिला संघचालक जागेश्वर द्विवेदी जी ने बताया कि आज ही के दिन 1674 मे छत्रपति शिवाजी महाराज ने नर्मदा नदी के दक्षिण में एकछत्र राज्य स्थापित कर सभी हिंदू राजाओं को दिखा दिया था कि हिंदू शासक भी हो सकता है क्योंकि उस समय सभी हिंदू राजाओ व सभी हिंदुओं ने यह मान लिया था कि हिंदू एक शासक नहीं हो सकता है वह राज्य के किसी भी अन्य पद पर तो रह सकता है परंतु हिंदू शासक नहीं हो सकता शासक एक मुगल ही होगा इस धारणा को शिवाजी खत्म कर दिया था |

एक बार बचपन में शिवाजी के पिता शिवाजी को मुगल शासक के दरबार में लेकर गए थे वहां उन्होंने शिवाजी से मुगल शासक के आगे झुक कर प्रणाम करने को कहा वहां पर शिवाजी ने कहा कि यह व्यक्तित्व गौ हत्यारा है हम इसके आगे कैसे झुके? क्योंकि शिवाजी की मां जीजाबाई ने शिवाजी को श्री रामचंद्र जी की कहानियां श्री कृष्ण की कहानियां सुनाकर बड़ा किया था उनका मानना था ऐसा दुराचारी एक शासक नहीं हो सकता वह उसके आगे नहीं झुकेंगे और वह वहां से चले आए और उन्होंने छोटी उम्र में ही प्रतिज्ञा की कि वह इस राष्ट्र को मुगल से मुक्त कराएंगे कहते हैं कि जब कोई प्रतिज्ञा कर लेता है तो प्रकृति भी उसका साथ देती है |

शिवाजी ने 15 वर्ष की आयु में ही पहला युद्ध मुगलों के खिलाफ लड़ा और जीते उसके बाद निरंतर 276 बात उन्होंने मुगल शासकों को पराजय का मुंह दिखाया। इसी संख्या में एक बार अफजल नाम के मुगल शासक को शिवाजी को पकड़कर लाने के लिए भेजा गया वह जिधर से भी गया उधर विनाश करते हुए आगे बढ़ता चला गया ऐसा करते-करते उस शिवाजी को ढूंढते-ढूंढते वह प्रतापगढ़ के दुर्ग पहुंचा यहां शिवाजी ने अफजल के लिए जाल बिछा के रखा हुआ था और शिवाजी ने अफजल को एक पत्र भेजा कि वह समझौते के लिए तैयार हैं या शिवाजी की कूटनीति जिसमें अफजल फस गया और शिवाजी ने अफजल सहित उसकी सारी सेना को अपनी छोटी सी सेना की टुकड़ी के साथ परास्त कर दिया|

इसी विजय के बाद सभी हिंदू राजाओं में एक चेतना सिंह जागृत हो गई शिवाजी का राजतिलक आज ही के दिन 1674 में हुआ था दुर्भाग्यवश राज तिलक के 10 दिन बाद ही उनकी माता जीजाबाई का देहांत हो गया था जिसके कारण पुनः राजतिलक करना पड़ा था।

लालगंज के रामलीला मैदान पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने हिंदू साम्राज्य दिवस मनाया। मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए विभाग कार्यवाह शिवाकांत ने कहा कि इसी दिन महाराजा क्षत्रपति शिवाजी का राज्याभिषेक हुआ था और इसी दिन हिंदू साम्राज्य की स्थापना की गई थी। उन्होंने शिवाजी के व्यक्तित्तव एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिवाजी ने विदेशियों के अहंकार को चकनाचूर कर हिंदू समाज में स्वाभिमान का भाव भरा था।

मुख्य वक्ता ने मौजूद स्वयं सेवकों को हिंदू समाज को संगठित करने का संकल्प दिलाया। विभाग कार्यवाह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वर्ष मे समाज के साथ 6 उत्सव मनाता है।उन्होने कहा कि महराज षिवाजी ने छोटी छोटी सेनाओं को एकत्रित कर मुगलों को हराकर हिन्दवी साम्राज्य की स्थापना की थी।महराज षिवाजी को प्रथम हिन्दू राजा बनने का गौरव प्राप्त हुआ था।षिवाजी की गिनती आज भी इतिहास के पराक्रमी राजाओ मे होती है।

बछरावां संवाद के अनुसार देश के महापुरूषों में तपस्वी जीवन जीकर समाज को दिशा देने का काम किया है यही कारण है कि भारत की गाथा विदेशों में गूंजी, शिक्षा के क्षेत्र में यहां के नागरिकों ने अच्छे संस्कार हासिल कर विदेशों में भी ख्याति अर्जित की। जो व्यक्ति अपने महापुरूषों को भूल गया उस देश का पतन सुनिश्चित है आज हम भौतिक सुखों के कारण समाज और परिवार से हट रहे हैं।

समारोह के विशिष्ट अतिथि विनोद अग्निहोत्री चन्द्रिका शाखा पर स्वयं सेवकों को सम्बोधित कर रहे थे। श्री अग्निहोत्री ने कहा कि संघ को समझने के लिये नियमित शाखा आना चाहिये जहां खेल के माध्यम से स्वयं सेवकों में अच्छंे संस्कारों का निर्माण किया जाता है। इस अवसर पर खण्ड संचालक प्रेम बाजपेई, शाखा कार्यवाह दीपक अवस्थी, राम मनोहर, प्रवीण, मनोज, रामकिशोर गुप्ता सहित सैकड़ांे स्वयं सेवक मौजूद रहे।

रिपोर्ट- राजेश यादव

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