नहीं दिख रहा स्वच्छ भारत अभियान का मिशन, विद्यालय परिसर भी बने कचरे और गंदे पानी के घर

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बीघापुर/उन्नाव ब्यूरो : सरकार परेशान है कि देश कर हर शहर, हर कस्बा, हर गाँव और गाँव की हर एक गली तक कचरा मुक्त हो। जिसके लिए प्रधान मंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन चलाया और खुद झाड़ू थाम कर सड़कें साफ की, लेकिन सरकार के इस स्वच्छता अभियान को बहुत से लोग ऐसे हैं जो पलीता भी लगा रहे हैं।

कुछ ऐसा ही मामला है विकास खण्ड बीघापुर की ग्राम सभा परौरी चन्द्रिकाबक्स का जहाँ के परिशदीय विद्यालय का परिसर आसमान से गिरी चार बूंदों से ही पूरे गावं के गंदे पानी से लबालब भर जाता है और महीनों भरा ही रहता है। उसी विद्यालय के परिसर में कुछ ग्रामीण अपने मवेसी भी बाँध रहे हैं और इतना ही नहीं गोबर के घूर भी लगा रखे हैं।कुल मिलाकर हम समझ सकते हैं कि बाउण्ड्रीवाल विहीन इस परिषदीय विद्यालय की दषा दुर्दषा क्या होगी। साफ सफाई की तो हम सोच भी नहीं सकते।अब आखिर विद्यालय परिसर में यह गंदगी क्यों है? क्यों नहीं कराई जा रही इसकी सफाई? क्यों हो रहा है जल भराव इसमें? इन सब सवालों के जवाब में ग्रामीणों अजीत सिंह व पंकज आदि का कहना है कि इन सब समस्याओं के लिए ग्राम प्रधान ही दोशी है।

उनका कहना है कि पिछले वर्शों से जल निकास की समस्या को लेकर ग्राम प्रधान से कहा जा रहा है लेकिन उन्होंने आज तक जल निकास की व्यवस्था नहीं की जिसके कारण चारों ओर गंदे पानी का ठहराव हो रहा है।यहां तक की विद्यालय परिसर में लगा इण्डिया मार्का हैण्ड पम्प भी उसी गंदे पानी के चपेट में आ जाता है।जिससे पेय जल की भी समस्या हो रही है।वहीं गंदगी के कारण बीमारियों का भी खतरा बना हुआ है।लेकिन इन सब समस्याओं के बाद भी जिम्मेदार मौन हैं।यहाँ भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हैं कि ये उखड़ने वाली नहीं हैं,इनकों उखाड़ने का प्रयास करने वाले खुद उखड़ जाएंगे।अभी हाल ही में मगरायर ग्राम सभा में हुए भ्रष्टाचार को उजागर किया गया तो भ्रष्टाचार के पोषक सरकार के खिलाफ ही खम ठोकने लगे हैं। अब देखना होगा कि इस परौरी चंद्रिकाबक्स गांव में इस समस्या से अखिर कब तक निजात मिलेगी।

रिपोर्ट – मनोज सिंह

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