तालाब के सौन्दर्यीकरण के लिए लाखों हुए खर्च हुए थे लेकिन सिर्फ कागजों पर

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तेजवापुर/बहराइच (ब्यूरो)- तालाब संरक्षण के लिए बने कानूनों से जिम्मेदार अधिकारी एंव कर्मचारी बेपरवाह है। सिर्फ राजस्व अभिलेखों में तालाब दर्ज होकर रह गये है। पर्यावरण व जल संरक्षण के लिए वरदान साबित होने वाले तालाब अब अपना वजूद खो रहे है। ज्यादातर तालाब सूखे पड़े है जलकुंभी और झांड झंखाड़ तालाब में शोभायमान है। जिम्मेदारो की शिथिलता एंव ग्रामीणों में जागरूकता की कमी से तालाबों पर अतिक्रमण बढता जा रहा है।सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी बेअसर दिख रहा है।

आपको बता दें कि ब्लाक तेजवापुर के ग्राम पंचायत टेण्डवा सिस्टीपुर के भकोसा तालाब का सौन्दर्यीकरण करीब आठ साल पहले कराया गया था। जिसके लिए लाखों की लागत को भी आवंटित किया गया था। लेकिन लाखों रूपये सिर्फ कागजों पर खर्च हुए थे। भकोसा तालाब आज भी सूखा एंव झांड झंखाड़ युक्त बेहाल है। टेण्डवा सिस्टीपुर का भकोसा तालाब देखरेख के अभाव में दम तोड़ रहा है। लाखों रूपयें की लागत से बने इस तालाब की स्थित दिन प्रतिदिन बेहाल होती जा रही है |

लोग तालाब के किनारे कूड़ा करकट व गोबर का ढेर लगा रहे है | नतीजन तालाब का अस्तित्व धीरे धीरे सिमटता जा रहा है। तालाब में पानी न होने की वजह से जानवारो के पीने के पानी की समस्या बढती जा रही है। मिट रहे तालाब के वजूद को लेकर लोग चिंतित दिखाई दे रहे है।लेकिन अधिकारी बेपरवाह बने हुए है।

तालाबों के अस्तित्व को बचाये रखने के लिए जागयें अलख –
टेडंवा सिस्टीपुर निवास पूर्व प्रधानाध्यापक श्री चन्द्रमणि मिश्र का कहना है कि प्रशासन को तालाबों का अस्तित्व बनाये रखने के लिए कठोर कदम उठाने चाहिए। जिससे जल संरक्षण की प्रकिया बनी रहे। गांव निवासी नीरज मिश्र ने बताया कि तालाब में जब से पानी कम हुआ है तब से पर्यावरण के साथ भू जल स्तर भी गिरा है।बुधराम मिश्र कहते है कि तालाबों पर बढ रहे अतिक्रमण से प्रशासन को सख्ती बरतनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर खैरू मिश्र का कहना है कि तालाबों का वजूद बना रहे है। इसके लिए हम सभी क्षेत्र वासियों आगे आना चाहिए।कोई तालाबों पर अतिक्रमण न कर सकें इसके लिए हम सभी को अलख जागाना चाहिए ।

रिपोर्ट- राकेश मौर्या

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