तहसील दिवस मात्र खानापूर्ति 166 शिकायती पत्रों में मौके पर एक भी निस्तारण नहीं

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पुरवा/उन्नाव (ब्यूरो) ए.डी.एम. न्यायिक की अध्यक्षता में तहसील दिवस सम्पन्न हुआ जहां कुल 166 फरियादियों ने अपने-अपने शिकायती-पत्र प्रस्तुत किये, जिनमें से 4 शिकायती पत्रों का मौके पर ही निस्तारित होना बताया गया परन्तु तहसील की लचर व्यवस्था के कारण शाम तक तहसील कर्मचारी यह बताने में असमर्थ रहे कि किस विभाग से सम्बन्धित कितने प्रार्थना-पत्र आये और किन-2 गांव के शिकायती-पत्रों का मौके पर निस्तारण किया गया । शिकायती-पत्र देने वालो में उन लोगों की संख्या अधिक रही जिन्होंने एक जुलाई व 15 जुलाई के थाना समाधान दिवसो में अपने-2 शिकायती-पत्रों को दिया था परन्तु पिछली सरकार के रवइये पर चलने वाले अधिकारी कर्मचारियों ने योगी सरकार के द्वारा दिये गये फरमान की थाना समाधान दिवसो में फरियादियों को तुरन्त न्याय मिलने तथा तहसील दिवसो में आये हुये शिकायती-पत्रों को 24 घण्टे के अन्दर निस्तारित किया जाये। जिस पर प्रशासनिक अधिकारी अभी तक फेल साबित होते नजर आ रहे हैं या इसे मनमानी समझा जाये।

प्राप्त विवरण के अनुसार शासन की मन्सा अनुरूप चलाये जा रहे तहसील दिवस में मंगलवार को स्थानीय तहसील सभागार में ए.डी.एम. न्यायिक की अध्यक्षता में तहसील दिवस सम्पन्न हुआ जिसमें एस.डी.एम. पूजा अग्निहोत्री फरियादियों की समस्याओं को सुन ही रही थी कि समय लगभग 11 बजे ए.डी.एम. न्यायिक ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और तहसील दिवस में आये हुये फरियादियों से रूुबरू होते हुये | पीड़ित फरियादियों की समस्याओं को गम्भीरता पूर्वक सुना और सम्बन्धित विभाग के अधिकारी को तलब कर शीघ्र ही समस्या का निस्तारण करने का आदेश जारी किया |

वहीं इस मौके पर लक्ष्मी देवी पत्नी स्व0 गंगा प्रसाद निवासी ग्राम तल्हौरी थाना पुरवा ने शिकायती-पत्र देते हुये बताया कि मेरे मकान के पीछे 14 फुट का सार्वजनिक रास्ता था, जिससे गांव-गांव के सभी लोगों का आना-जाना रहता है, परन्तु गांव के दबंग राम प्रसाद उर्फ लूटा पुत्र महावीर व दिनेश पुत्र महावीर ने अपनी दबंगयी के बल पर सार्वजनिक रास्ते को अवरूद्ध करते हुये छप्पर नुमा तीन सेड रखा दिया | जिससे ग्रामीणो का आवागमन का सार्वजनिक रास्ता अवरूद्ध कर दिया पीड़िता व ग्रामीणों द्वारा मना करने पर उक्त दबंगो ने पीड़िता को माँ-बहन की गन्दी-2 गालियां दी | जिस पीड़िता लक्ष्मी देवी ने 15 जुलाई 2017 को थाना समाधान दिवस के मौके पर षिकायती-पत्र दिया था परन्तु कोई सुनवाई न होने के कारण दोबारा तहसील दिवस में ए0डी0एम0 के समाने प्रस्तुत होकर शिकायती-पत्र दिया वैसे भी अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक रास्ते में इन्क्रोच मेन्ट या अतिक्रमण करता है तो उपजिलाधिकारी को यह हक हासिल है कि धारा 133 के तहत अतिक्रमण तत्काल हटवाया जा सकता है।

परन्तु हल्के के दरोगा एस0एन0 सिंह जो पिछली सरकार में साढ़े तीन वर्ष पुरवा कोतवाली पोस्ट रहे उसके बाद पुनः री पोस्टिंग में भी लगभग एक वर्ष से अधिक समय से पुरवा कोतवाली में ही पोस्ट है पर वह इस समसय थके हुये दरोगा है जिससे उनके क्षेत्र के लोगो को न्याय मिलपाना असम्भव सा लगता है वहीं दूसरा शिकायती-पत्र हल्का नं.-2 से सम्बन्धित जगदीश लोधी पुत्र पियारे लोधी निवासी ग्राम सैदपुर मजरे अभूषा ने उपपुलिस अधीक्षक शशि शेखर दीक्षित के समक्ष प्रस्तु होकर बताया कि पेसे से सुनारी का कार्य करता हूँ 14 मई 2014 को नरायण दास पुत्र चिरन्जीव लोधी निवासी ग्राम निहालखेड़ा मजरे मिर्रीकलां थाना पुरवा ने अपने पुत्र की शादी के लिये लगभग डेढ़ लाख के जेवर खरीदे थे जिसमें 58 हजार रूपया बाकी किया था कुछ दिन के बाद 30 हजार रूपया दिया 28 हजार 600 रूपया शेष बचा था। लगभग तीन वर्ष बीत गये बाकी शेष रकम नही दिया उधारी मागने पर गन्दी-2 गालियां देता है और कहता है कि तुमने हमें जेवर खराब दिया था जिस पर पीड़ित जगदीश ने कहाकि अगर हमारा जेवर खराब था तो हमको हमारा जेवर वापस कर दो परन्तु न जेवर वापस करता है न पैसा देता है इस सम्बन्ध में पीड़ित ने दिनांक एक जुलाई 017 को थाना समाधान दिवस के मौके पर कोतवाली में शिकायती-पत्र दिया परन्तु अब तक कोई कार्यवाही नही हुई जहां उसने तहसील दिवस में उपस्थित क्षेत्राधिकारी को शिकायती-पत्र देते हुये न्याय की गुहार लगाई अब सवाल यह आता है कि हल्के के दरोगा एस0एन0 सिंह लगभग 5 वर्षों से तैनात है जिनका मिजाज पीड़ितो को न्याय कम व्यक्ति विषेश को ज्यादा ध्यान देते है |

इसी क्रम में सुमन पुत्री गुरू प्रसाद लोधी निवासी ग्राम सभागा मजरे भूपतिपुर ने शिकायती-पत्र देते बताया कि लगभग 10 वर्षों से गांव के दिलीप पुत्र कल्लू लोध मुझे शादी का झांसा देकर लगातार मेरा यौन शोषण करता रहा है और पूरा अस्वासन देता रहा कि हम शादी तुम्ही से करेंगे और एक दिन मन्दिर में मुझसे विवाह भी कर लिया और मैं बतौर पत्नी उसकी सेवा करती रही इसी दरमियान पीड़िता प्रेगनेन्ट हो गयी यह बात जब दिलीप को पता चली तो उसने जबरन मेरा गर्भपात करा दिया। इस सम्बन्ध में मैंने कई शिकायती-पत्र कोतवाली में दिया परन्तु मुझे कोई न्याय नही मिला पीड़िता सुमन के पिता का लगभग तीन वर्ष पहले देहान्त हो गया था। इधर दिलीप ने पीड़िता को दगा दिया तो मां सदमा बरर्दास्त नही कर पायी और उसकी मौत हो गयी। पीड़ित एक अनाथ है और अपने हक अपने अधिकार व अपने साथ हुये अत्याचार की लड़ाई स्वयं लड़ रही है। पीड़िता ने ए0डी0एम0 के समक्ष प्रस्तुत होकर न्याय की गुहार लगाई। इस मौके पर तहसील दिवस में उपस्थित अधिकारी तहसीलदार न्यायिक लालधर खण्ड विकास अधिकारी पुरवा, जितेन्द्र बहादुर सिंह असोहा से के0के0 सक्सेना, पषु चिकित्साधिकारी पुरवा, डा0 आर0डी0 अहिरवार नायब तहसीलदार विचित्र नरायण श्रीवास्तव कोतवाली प्रभारी अरूण प्रताप सिंह थाना अध्यक्ष मौरावां दिनेष कुमार मिश्रा राजस्व निरीक्षक अभिनव सिंह चैहान शिवशंकर लोधी श्यामलाल के अलावा विद्युत जेई शषिमणि कष्यप लेखपाल अवनीष तिवारी के0सी0 वर्मा योगेस कुमार के अलावा अन्य तमाम अधिकारी कर्मचारीगण मौजूद रहें।

रिपोर्ट – मो. अहमद चुनई

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