किसान बैंक से जुड़े और केसीसी का लाभ उठायें: डीडीएम नवार्ड

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बरवाअड्डा(ब्यूरो)- जिला जन-सम्पर्क कार्यालय, धनबाद के तत्वाधान में खरीफ फसल पर कार्यशाला का आयोजन बाघमारा प्रखण्ड में किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, बाघमारा के द्वारा किया गया। कार्यशाला में प्रमुख, डीडीएम नाबार्ड, एआर कोपरेटिव, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. आदर्श श्रीवास्तव, डॉ. नवीन कुमार, वित्त साक्षरता केन्द्र के बी जी घोष, प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, प्रखण्ड सहकारिता पदाधिकारी, अन्य संबंधित कर्मी तथा किसान उपस्थित थे। कार्यशाला को संबोंधित करते हुए प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी ने कहा कि कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों को दिया जा रहा है। केसीसी के क्षेत्र में भी कार्य किया जा रहा है।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए एआर कोपरेटिव ने प्रधानमंत्री फसल बीमा की विस्तृत जानकारी दी। उन्होने बताया कि अगहनी धान एवं भदई मकई को इस इस योजना में जोड़ा गया है। फसल बीमा का उद्येश्य फसल को सुरक्षा प्रदान करना है। किसान फसल बीमा हेतु कृषक मित्र, आर्य बीटीएम, बीसीओ से सम्पर्क कर इसका लाभ उठायें। कार्यशाला को संबोधित करते हुए कृषि विज्ञान केन्द्र बलियापुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. आदर्श श्रीवास्तव ने खरीफ फसल के संबंध में जानकारी दी। उन्होने बताया कि इस मौसम में मक्का, अरहर की फसल लगाया जाय। मक्का एक वर्ष में पांच बार फसल दे सकता है। अरहर के बीच में भी मक्का लगाया जा सकता है। बैंगन, टमाटर, फुलगोभी, आम, अमरूद, केला, पपीता आदि लगाया जा सकता है। खरीफ फसल में वर्मी कम्पोस्ट या गोबर खाद का प्रयोग से उपज अच्छी होती है। कार्यशाला को संबोंधित करते हुए कृषि विज्ञान केन्द्र बलियापुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. नवीन कुमार ने कहा कि अच्छी पैदावार के लिए आवश्यक है कि फसलें स्वास्थ्य रहे। इस हेतु कीट एवं बिमारी पैदा करने वाले कारकों को दूर किया जाना आवश्यक है। इस हेतु फसलों की सुरक्षा हेतु बीजोपचार जरूरी है एवं फसलों का बचाव हेतु वैज्ञानिक तकनीक की आवश्यकता है।

कार्यशाला में बीजोपचार एवं फसलों की सुरक्षा हेतु कीट नाशक एवं फसलों को लगने वाले रोग तथा उनके उपचार की विधि की जानकारी दी गयी। कार्यशाला को संबोधित करते हुए डीडीएम नाबार्ड ने कहा केसीसी किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है एवं इसका उद्येश्य किसानों की आय को बढ़ाना है। किसानों को फसल हेतु पूँजी की आवश्यकता है। इसके लिए किसान बैंको से जुड़े एवं केसीसी का लाभ लें। कार्यशाला को संबोधित करते हुए वित्त साक्षरता केन्द्र के बी जी घोष ने कहा कि किसान बैंको से जुड़े एंव विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर अपना आय बढ़ाए। महिला एसएचजी बनाये। बैंक में खाता खोले विभिन्न योजनाओं से जुड़े। लेकिन इसके साथ ही वित्तिय अनुशासन का भी पालन करें। केसीसी का प्रयोग कृषि कार्य में ही करें। प्रत्येक लोन का क्रेडिट स्कोर बनता है। अतः डिफाल्टर ना बनें। कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रखण्ड विकास पदाधिकारी ने कहा की खरीफ फसल की जानकारी किसानों को दी गयी है। मिट्टी जाँच भी करवाया जा रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से सबंधित कार्य भी सुचारू रूप से किए जा रहे है। केसीसी का भी कार्य किया जा रहा है। किसानों को उन सभी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी जा रही है। उनको जागरूक किया जा रहा है। प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, प्रखण्ड सहकारिता पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी सजग होकर काम कर रहे है। अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं का लाभ उठाए।

कार्यक्रम में शरद कुमार चटर्जी तथा लोक नाथ महतो के द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा से संबंधित प्रश्न किया गया जिसका समाधान प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं एआर कोपरेटिव के द्वारा दिया गया। कार्यक्रम मे कला निकेतन के द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। धन्यवाद ज्ञापन प्रमुख बाघमारा के द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम का संचालन जिला जन-सम्पर्क पदाधिकारी धनबाद के द्वारा किया गया।

रिपोर्ट- संतोष कुमार राय

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