शिक्षक एसोसिएशन ने वीसी पर लगाया मनमानी का आरोप

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बलिया : जनपद चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय से सम्ब( महाविद्यालय शिक्षक एसोसिएशन ने कुलपति प्रो0 योगेन्द्र सिंह छात्रों के भविष्य संग खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। प्रेस को जारी विज्ञप्ति में एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ0 बृजेश सिंह एवं महामंत्री डॉ0 अविनाश चन्द पाण्डेय ने संयुक्त रूप से आरोप लगाते हुए कहा है कि श्री सुदृष्टि बाबा स्नातकोत्तर महाविद्यालय सुदृष्टिपुरी रानीगंज, बलिया में एम0ए0 समाजशास्त्र एवं एम0ए0 हिन्दी की मान्यता हेतु समस्त पत्रावली नवम्बर 2017 में प्रस्तुत की गयी थी। इसकी मान्यता कुलपति द्वारा अगस्त 2018 में निरीक्षणोपरान्त दे दी गयी किन्तु मान्यता सम्बन्धी प्रपत्र पर तिथि जनवरी 2018 की है।

शिक्षक नेता द्वय ने कहा है कि मान्यता प्राप्ति के उपरान्त दिसम्बर माह में अन्य महाविद्यालयों की भाँति विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया सम्पन्न कर दी गयी व साथ ही शिक्षकों का चयन भी विधिवत सितम्बर माह में ही करा लिया गया। शिक्षकों के चयन का अनुमोदन यद्यपि कुलपति महोदय द्वारा नवम्बर माह में दिया गया जबकि स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर ;हिन्दी व समाजशास्त्रद्ध की कक्षाओं में आयोग द्वारा चयनित शिक्षकों द्वारा शिक्षण कार्य शुरू कर दिया गया। आरोप लगाया है कि जब परीक्षा फार्म भरे जाने का समय आया तो श्री सुदृष्टि बाबा महाविद्यालय के एम0ए0 प्रथम सेमेस्टर ;हिन्दी व समाजशास्त्रद्ध का विश्वविद्यालय के पोर्टल पर डिस्प्ले जानबूझकर रोक दिया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा बार-बार अनुरोध के बावजूद जब बात नहीं बनी तब मामला संघ के पास आया। संघ के अध्यक्ष बृजेश सिंह कुलसचिव से एवं संघ के महामंत्री डॉ0 अवनीश चन्द पाण्डेय ने कुलपति से वार्ता की तो कुलसचिव कुलपति के मत्थे एवं कुलपति कुलसचिव के मत्थे खेल खेलने लगे। परिणाम यह हुआ कि परीक्षा फार्म भरने की तिथि 30 नवम्बर तथा विलम्ब शुल्क के साथ 05 दिसम्बर दोनों ही समाप्त हो गया। अब एम0एम0 प्रथम सेमेस्टर हिन्दी व एम0ए0 प्रथम सेमेस्टर समाजशास्त्र के विद्यार्थियों का भविष्य अधर में है।

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी विडम्बना यह है कि अक्टूबर माह में कुलपति द्वारा प्रवेश समिति की बैठक में समस्त विभागाध्यक्षों के समक्ष कहा गया कि विश्वविद्यालय परिसर के अन्तर्गत इसी सत्र से कई पाठ्यक्रम चलाये जायेंगे। आप लोग जिन विद्यार्थियों का प्रवेश किन्हीं कारणो वश इन पाठ्यक्रमों में नहीं ले पाये हैं उन्हें हमें भेंजे या उनकी लिस्ट व सम्पर्क नं0 दे ताकि मैं उनका प्रवेश लूॅ और जो शिक्षक पढ़ाने को इच्छुक हो उन्हें भी बताये ताकि परिसर के अन्तर्गत भी ये पाठ्यक्रम इसी सत्र से प्रारम्भ हो जाय। अब यदि अक्टूबर माह में एडमीशन शुरू होने व शिक्षकों की नियुक्ति भी न होने के बावजूद कैम्पस के विद्यार्थी परीक्षा दे सकते हैं तो श्री सुदृष्टि बाबा स्नातकोत्तर महाविद्यालय सुदृष्टिपुरी, रानीगंज, बलिया के विद्यार्थी वंचित कैसे किये जा सकते हैं? जब संघ के महामंत्री ने यही तर्क कुलपति को दिया तो कुलपति ने कहा कि आप राजनीति कर रहे हैं और मैं तो आप ही लोगों के बीच से शिक्षक बुलाकर कैम्पस में शिक्षण कार्य करा रहा हूँ। यदि कोई शिक्षक अपने कालेज से 10 से 12 कि0मी0 दूर जाकर शिक्षण कार्य विश्वविद्यालय परिसर में कर सकता है तो अपने ही कालेज में शिक्षण कार्य कर स्नातकोत्तर की कक्षाये क्यों नहीं चला सकता है? उससे भी बड़ी विडम्बना यह है कि इस कालेज के प्रबन्धक जिलाधिकारी हैं।

इस क्षेत्र के विधायक सुरेन्द्र नाथ सिंह सत्ताधारी दल के विधायक हैं। जबकि सत्ताधारी दल के सांसद भरत सिंह की जन्मभूमि उसी विधान सभा में है, जिसमें यह महाविद्यालय शिक्षा की रोशनी तब से दे रहा है जब उस क्षेत्र में कोई महाविद्यालय ही नहीं था। आरोप लगाते हुए कहा कि यदि कुलपति ऐसे महाविद्यालय के साथ गैर-जिम्मेदाराना, नियम-विरू(, गैर-लोकतांत्रिक एवं दोहरे मानदण्ड अपना सकते हैं तो अन्य महाविद्यालयों के साथ कुलपति के कार्यप(ति को भली भाँति समझा जा सकता है। कुलपति द्वारा यदि शीघ्रातिशीघ्र सार्थक निर्णय नहीं लिया जाता है तो जनपद के समस्त महाविद्यालयों ;वित्तपोषितद्ध के नव छात्रसंघ अध्यक्ष/महामंत्री व अन्य पदाधिकारियों के साथ-साथ बैरिया विधायक सुरेन्द्रनाथ सिंह एवं सांसद भरत सिंह , राज्यसभा सांसद नीरज शेखर एवं जनहित में कार्य करने वाले उन सभी नेताओं से जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय सम्ब( महाविद्यालयीय शिक्षक एसोसिएशन बलिया के अध्यक्ष डॉ0 बृजेश सिंह व महामंत्री डॉ0 अवनीश चन्द पाण्डेय अपील किया कि इसमें हमारी मदद करें।

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