दो महीने से वेतन ना मिलने पर शिक्षक व कर्मचारियों ने विद्यालय प्रांगण में दिया धरना

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सुखपुरा/बलिया (ब्यूरो) -: जिला विद्यालय निरीक्षक बलिया कार्यालय के ढुल-मुल रवैये से इंटर कालेज सुखपरा के शिक्षक-कर्मचारियों का वेतन दो महीने से बाधित है जिससे उनके समक्ष गम्भीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।इसी से नाराज शिक्षक-कर्मचारियों ने शुक्रवार को विद्यालय प्रांगण में कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि माह जून का वेतन बिल पारित करके जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा मात्र जीपीएफ पाने वाले शिक्षक कर्मचारियों के ही खाते में वेतन भेजा गया है जबकि नान जीपीएफ वालों के खाते में वेतन का भुगतान नहीं किया गया है I इसी प्रकार माह जुलाई का भी वेतन विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा बनाकर भेजा गया है। बिल पास भी हो गया है ।ग्रांट काट कर माह जून की भी तरह जुलाई का भी बिल फंसाया गया है इससे आजीज आकर शिक्षक- कर्मचारी विद्यालय परिसर मे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए ।

शिक्षक-कर्मचारियों के धरने पर बैठने की खबर सुनकर विद्यालय पर पहुंचे प्रबंधक दिनेश चंद्र सिंह ने शिक्षकों से कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक से वार्ता के क्रम में उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है कि आखिर क्यों जीपीएफ और नान जीपीएफ का हवाला देकर शिक्षकों का भुगतान लंबित किया जा रहा है ।कहा कि 19 अगस्त तक इस समस्या का समाधान कर लिया जाएगा अन्यथा 20 अगस्त को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर समस्त कर्मचारियों के साथ चलकर वार्ता किया जाएगा।

समाधान नही होने की स्थिति में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के समक्ष धरना दिया जाएगा ।प्रबंधक के आश्वासन के बाद शिक्षक कर्मचारियों ने धरने को 19 अगस्त तक स्थगित कर दिया और शिक्षण कार्य पर वापस चले गये। धरना देने वालों में शिव सागर गौतम, ओम प्रकाश चौबे, अजय कुमार पाठक, आशीष कुमार यादव, दिनेश प्रजापति, संजय कुमार मिश्र सुरेंद्र सिंह, अजय प्रताप सिंह, डा. अशोक कुमार पान्डेय ,अजय कुमार सिंह, इंद्रेश गौतम, हरेंद्र सरोज, आत्मप्रकाश सिंह, अरूण सिंह, राजेश कुमार, नीरज सिह, मृत्युंजय सिह,रीता देवी आदि लोग उपस्थित रहे।प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि माह जून का वेतन भी चला गया है पास भी हो गया है जुलाई का भी वेतन पास हो गया है लेकिन जीपीएफ व नान जीपीएफ को लेकर पता नहीं किसके आदेश से वेतन को बाधित किया जा रहा है। इसका कोई स्पष्ट जबाब नहीं मिल रहा है जिससे यह सारी समस्याएं पैदा हुई है।

रिपोर्ट – डा. विनय सिंह

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