तीन गांवों की 30 बीघा भूमि बनी घाघरा का निवाला

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बौण्डी/बहराइच(ब्यूरो)- बौंडी इलाके के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में हाहाकार की स्थिति है। सोमवार को धीमी गति से घाघरा का जलस्तर घटने लगा है। जलस्तर घटने से कटान और तेज हो गई है। यहां घाघरा लाल निशान से 65 सेमी नीचे बह रही है। महसी तहसील क्षेत्र के बौंडी इलाके के गोलागंज, जर्मापुर, कायमपुर, चिरईपुरवा व पचदेवरी गांवों में कटान जारी है। इन तीनों गांवों की लगभग 30 बीघा जमीन नदी में समा गई। पीड़ित अपनी गृहस्थी का सामान समेट कर ट्रैक्टर-ट्राली और अन्य साधनों से गांव से पलायन कर रहे हैं।

कटान से खेत बने रेत के टीले- 
घूरदेवी स्थित स्पर पर सोमवार अपराह्न 2 बजे घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान 112.150 मीटर के सापेक्ष 111.500 मीटर पर स्थिर रिकार्ड किया गया। कटान तेज होने से फसल उगाने वाले खेत क्षण भर में रेत के टीलों में तब्दील हो रहे हैं। इसके बावजूद तहसील प्रशासन स्थिति सामान्य होने का लगातार दावा ठोंक रहा है। प्रशासन का राहत व बचाव कार्य धरातल पर उतरता नहीं दिखाई दे रहा है। कटान से बस्ती के साथ हरियाली भी सिमट रही है। नदी के मुहाने पर लगे पेड़ों को लोग काटने को मजबूर हैं।

तटबन्ध को जोड़ने वाली पुलिया टूटी-
कटान प्रभावित गांव गोलागंज व बेलहा बेहरौली तटबंध को जोड़ने वाली सड़क पर बीचोंबीच बनी पुलिया टूट गई है। जिससे बाढ़ आने पर ग्रामीणों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जब बाढ़ आती है तो सड़क पर पुलिया के बराबर पानी चलता है। ऐसे में टूटी पुलिया न दिखने से लोग भ्रमित होकर दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं।

रिपोर्ट- राकेश मौर्या

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