आठ महीनों में नहीं मिला किसी आंगनबाड़ी सहायिका को मिला मानदेय

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प्रतापगढ़(ब्यूरो)- जनपद प्रतापगढ़ के अंतर्गत संचालित होने वाले कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा चलाये जाते है| जिला स्तर पर इसके मुखिया जिला कार्यक्रम अधिकारी होते हैं, इनके अधीन बाल विकास परियोजना अधिकारी होते हैं| हर गांव में आबादी के अनुसार आगनबाडी केंद्र खोले गए हैं| इन आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक आंगनबाड़ी अथवा एक सहायिका की नियुक्ति की गई है| लगभग 8 माह से सहायिका का मानदेय नहीं मिल रहा है|

मानदेय ना मिलने के कारण प्रतापगढ़ जनपद की आंगनबाड़ी केंद्र की सहायिका अपना परिवार चलाने में अब असमर्थ दिख रही हैं| बाल विकास परियोजना स्तर पर सहायिकाओं ने कई बार इसकी शिकायत बाल विकास परियोजना अधिकारी से मिलकर अवगत कराया| बाल विकास परियोजना अधिकारियों ने आधार कार्ड खाता नंबर सब लेकर निदेशालय बाल विकास पुष्टाहार शासन उत्तर प्रदेश लखनऊ को भेज चुके हैं| बावजूद इसके निदेशालय बाल विकास पुष्टाहार के अधिकारियों कर्मचारियों की लापरवाही से सहायिकाओं का परिवार भुखमरी के कगार पर है|

आज कई सहायिकाओं ने बताया कि हम लोग गांव में जाकर बच्चों को बुलाकर केंद्र पर लाते हैं| इसके बदले में सरकार द्वारा हम लोगों को ₹1500 प्रतिमाह मानदेय के रूप में हम लोगों के खाते में सीधे निदेशालय से आता है| इसके पहले जब जिला स्तर से हमारे लोगों के खाते में पैसा भेजा जाता था| तो दो तीन माह में पैसा हम लोगों को मिल जाता था और उस पैसे से हम लोग अपना जीवन यापन कर लेते थे परंतु जब से यह जिम्मेदारी निदेशालय बाल विकास पुष्टाहार विभाग के द्वारा हम लोगों को यह पैसा भेजने का आदेश जारी हुआ, तब से हम लोग तथाकथित रूप में भले ही मानदेय मिला हो वरना हम लोग मानदेय के इंतजार में अब परिवार चलाने में अपने को मजबूर साबित दिख रही हूं| यदि हमारा लोगों का मानदेय शीघ्रातिशीघ्र हम लोगों के खाते में 10 दिन के अंदर नहीं आ जाता है तो हम लोग जिला स्तर पर जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे इसलिए कि अब हम लोग इस दुख को सहन करने में तथा अपना परिवार का भरण पोषण करने में असमर्थ हूं|

रिपोर्ट- अवनीश कुमार मिश्रा 

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