तेज हुई बलिया इलेक्ट्रिक लोको शेड स्थापित करने की कवायद तेज हो गई

बलिया (ब्यूरो)- वाराणसी-छपरा रेलखंड का दोहरीकरण के साथ ही बलिया में प्रस्तावित इलेक्ट्रिक लोको शेड स्थापित करने की कवायद तेज हो गई है। रेलवे के स्थानीय विद्युत विभाग के अधिकारियों ने लोको शेड के लिए प्रस्तावित जमीन की पैमाइस कर नक्सा तैयार कर रेल मंत्रालय को भेजा है। विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार काजीपुरा रेलवे क्रा¨सग से पश्चिम की तरफ 600 मीटर लंबाई तथा औसतन 50 मीटर चौड़ाई में जमीन की पैमाइस कर रेलवे ट्रैक, भवन व वर्कशॉप आदि का निर्माण प्रस्तावित किया गया है।

वाराणसी-छपरा रेलखंड पर दोहरीकरण के साथ ही विद्युतीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। वर्ष 2018 के आखिरी तक पटरी दोहरीकरण के साथ ही विद्युतीकरण के कार्य पूर्ण होने की उम्मीद है। रेलवे के आलाधिकारियों का कहना है कि दिसंबर 2018 तक उक्त रेलखंड पर डीजल की बजाय बिजली से ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा। ऐसे में वाराणसी-छपरा के बीच इलेक्ट्रिक इंजन की रखरखाव व मरम्मत के लिए बलिया रेलवे स्टेशन पर लोको शेड का निर्माण प्रस्तावित है।

इसी कड़ी में विगत मई माह में पहले डीआरएम वाराणसी एसके झा ने आरपीएफ बैरक के पास स्थान चिह्नित कर रेवले मुख्यालय को अवगत कराया। तत्पश्चात 20 मई 2017 को रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली के डायरेक्टर एके गोस्वामी ने स्थलीय निरीक्षण कर जमीन की पैमाइस कर नक्शा तैयार कराने के निर्देश दिए थे। सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलपथ बलिया अनिल कुमार ने बताया कि जमीन की पैमाइस कर नक्शा तैयार कर रेल मंत्रालय को भेजा जा चुका है। इलेक्ट्रिक लोको शेड स्थापित होने से यहां इलेक्ट्रिक इंजन की रखरखाव व मरम्मत का कार्य किया जाएगा। इसकी स्थापना से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

औड़िहार से बकुलहा तक करेगा कवर-
वाराणसी-छपरा रेलखंड पर यह पहला इलेक्ट्रिक लोको शेड होगा। 10 इलेक्ट्रिक इंजन क्षमता वाले इस लोको शेड में इलेक्ट्रिक इंजनों की मरम्मत संग रखरखाव भी किया जाएगा। साथ ही औड़िहार से बकुलहा रेलवे स्टेशन के तक अगर किसी ट्रेन के इंजन में खराबी आती है तो यहां से तत्काल इंजन मुहैया कराया जाएगा। साथ ही उस खराब इंजन को यहां लाकर दुरुस्त किया जाएगा।

 

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