विद्युत विभाग की लापरवाही से हो सकता है बड़ा हादसा

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चकलवंशी/उन्नाव(ब्यूरो)- घनी आबादी में रखा हुआ ट्रांसफारमर किसी दिन मौत का कारण बनेगा बीती रात विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण फिर जला ग्यारह हजार लाइन का केबल जिससे वहां पर लोगों में अफरा तफरी मच गई|

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जेई से कई बार शिकायत की गयी उसके बाद भी कोई बदलाव नहीं किया गया ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

विद्युत खंड सफीपुर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत मेथीटीकुर मजरा चकलवंशी परियर मार्ग पर आकाश विश्वास के मकान के पास लगा हुआ ट्रांसफारमर जो एक दिन बङा हादसे का इंतजार विद्युत विभाग के अधिकारी कर रहे हैं|

जिसकी लोगों ने कहा जेई से कई बार शिकायत की गयी उसके बाद भी कोई बदलाव नहीं किया गया पिछले महीने में 26 अप्रैल-2017 को ट्रांसफारमर में देर 12:30 बजे भीषण आग लगने गयी थी |

ग्रामीणों की बङी मशक्कत से आग पर काबू पाया गया था उसके बाद फायर ब्रिगेड पहुंची थी क्षेत्रों में लोगों को जानकारी है कि जब आग बुझा दी जाती है तब घटना स्थल पर फायर ब्रिगेड पहुंची है |

जिसके कारण बङा हादसा हो सकता है उसके बाद भी विद्युत विभाग के अधिकारी नजरअंदाज कर रहे हैं ग्रामीणों ने जेई से कई बार इसी शिकायत की है घनी बस्ती में लगा ट्रांसफारमर को दूर लगा दिया जाए जिससे कोई अप्रिय घटना न हो सके |

ग्रामीणों में राम मूर्ति, भोला जायसवाल, राम गोपाल, रामजी, पुत्तन गुप्ता, रंजीत कुमार, रामेश्वर आदि ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि जेई से कई बार शिकायत की गयी उसके बाद भी कोई बदलाव नहीं हुआ|

जब कोई बङा हादसा हो जायेगा तब विद्युत विभाग की आंखें खुलेगी इसका आंदाजा लगाया जा सकता है जब लोग जेई को फोन करते हैं संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को भेज दिया जाता है उस समय ट्रांसफारमर में आग लगी थी तो केबल जल गया था |

उसके बाद कर्मचारियों ने केबल नहीं बदला गया था उसके ऊपर टेप लगाकर मरम्मतिकरण कर दिया गया था ऐसा कोई दिन नहीं है जब आपको किसी दिन ट्रांसफारमर से धुआं निकलने लगता है व केबल आय दिन जलता दिखाई देता है फिर भी विद्युत विभाग के आला अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं|

ग्रामीणों का कहना है कि जो घनी आबादी में ट्रांसफारमर लगा हुआ है इसको बस्ती से दूर लगा दिया जाएगा जिससे कोई अप्रिय घटना न हो सके ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जांच कराकर ऐसे अधिकारियों पर कार्यवाही होनी चाहिए। लोगों में आक्रोश व्याप्त है।

रिपोर्ट-जितेंद्र गौड़

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