उन्नाव की स्वास्थ्य व्यवस्था की कड़वी सच्चाई

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सफीपुर(उन्नाव)- योगी सरकार के मंत्री बेहतर स्वास्थ्य सेवाओ के लिए एक बार अस्पतालों की भी हकीकत जान ले| जहाँ पर दिव्यांग प्रसूता को स्टाफ नर्स ने मुंहमांगी रकम न देने पर डिलिवरी कराने से मना करते हुए खून की कमी का बहाना बता कर रिफर कर दिया| प्रसूता जैसे ही महिला वार्ड से नीचे अस्पताल गेट के पास ही उसने बच्चे को जन्म दिया| बेतहासा दर्द से तड़पती प्रसूता को इलाज के लिए तीमारदार जेठानी स्टाफ नर्स के आगे गिड़गिड़ाती रही| नागरिको के हंगामा काटने के बाद भी नर्स नही पसीजी । वही दूसरी ओर प्रभारी चिकित्साधिकारी बोले खून की कमी के चलते रिफर किया गया था पैसा मांगने की बात की जाँच की जायेगी ।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कुछ हप्ते पहले उपजिलाधिकारी ने हकीकत जानी उसके बाद बिधायक बब्बा लाल दिवाकर की सख्त हिदायत के बावजूद मंगलवार की रात क्षेत्र के ओसिया गावँ से आई दिव्यांग प्रसूता रूबी 25 पत्नी गंगादीन सरकारी एम्बुलेंस 102 से आकर प्रसव हेतु भर्ती हुई महिला चिकित्सको की गैर मौजूदगी में स्टाफ नर्स मधुबाला ने उसके डिलिवरी शुरू कराने के प्रयास शुरू करते हुए उसको कमजोर बताया और कहा खून की कमी है यदि तत्काल दो हजार रुपये की व्यवस्था कीजिये जिससे सुरक्षित प्रसव कराने का काम शुरू करे अन्यथा जिला अस्पताल ले जाना होगा । दिव्यांग के साथ आई तीमारदार जेठानी मुन्नीदेवी ने पांच सौ रुपये पास होने की बात कहते हुए असमर्थता जताई| जिसपर भड़की स्टाफ नर्स ने जबरन उसे जिला अस्पताल रिफर करते हुए ऊपरी मंजिल पर स्थित लेबर रूम से बाहर निकाल दिया । प्रसूता दर्द से तड़पती किसी तरह लेबर रूम से बाहर निकलकर जैसे ही नीचे मुख्य गेट पर पहुँची कि उसने बच्ची को जन्म दे दिया ।

प्रसूता के साथ रही जेठानी स्टाफ नर्स से इलाज के लिए गिड़गिड़ाती रही लेकिन किसी ने उसके हाथ तक नही लगाया उसने बाहर निकलकर अपने साथ हो रही अमानवीय नाइंसाफी की गुहार लोगो से लगायी जिसपर भड़के नागरिको ने जब चिकित्सालय जाकर आक्रोश जताया तब जाकर उसका इलाज शुरू हुआ । आपको बताते चले की इसी तरह की लापरवाही के चलते कुछ दिन पहले जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो चुकी थी। इसके बावजूद स्वास्थ्य केन्द्र पर मरीजो के साथ बदसलूकी और वसूली कार्यक्रम थमने का नाम नही ले रहा है ।

रिपोर्ट- रामजी गुप्ता 

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