जिले में सड़के खस्ताहाल, 15 जून तक मरम्मत सरकार के लिये चुनौती

कुशीनगर(ब्यूरो)- सूबे में भाजपा सरकार गठन के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का फरमान जारी किया गया। इसके लिए शासन ने विभाग को 15 जून तक का समय दिया है। तय समय सीमा में मात्र 12 दिन शेष हैं और जनपद के ग्रामीण इलाके की सड़कें बदहाल पड़ी हैं। क्षतिग्रस्त सड़कों की बिखरी गिट्टियां राहगीरों के लिए मुसीबत खड़ी कर रही हैं। हालांकि विभाग द्वारा कुछ सड़कों के गड्ढों को जहां-तहां भरा भी गया, लेकिन अधिकांश की स्थिति जस की तस है।

पडरौना विकास खंड के होरलापुर गांव से बरहज तक जाने वाली नहर की पटरी पर बना पिच मार्ग टूटने से गिट्टियां बिखर गई हैं। जिससे आए दिन राहगीर फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। सपा सरकार में निर्माण के लिए सर्वे कराया गया था। नहर की पटरी पर करीब दो दशक पूर्व प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत पिच मार्ग बनाया गया था। मरम्मत के अभाव में धीरे-धीरे सड़क टूट कर गड्ढों में तब्दील हो गई। क्षेत्र के सिकंदर आलम, अमलेश्वर सिंह पूर्व प्रधान, रविंद्र सिंह, रघुनाथ यादव, मिथिलेश मिश्र, गंगाधर मिश्र, जगरनाथ यादव, मोतीलाल यादव, आलोक मिश्र, तजमुल अंसारी प्रधान, बमबहादुर सिंह, जाबेद अंसारी आदि ने शीघ्र निर्माण की मांग की है।

बरवापट्टी- यूपी व बिहार को जोड़ने वाला दुदही-बरवापट्टी मार्ग मरम्मत के अभाव में बदहाल पड़ा है। सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। पैदल आने-जाने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भारी वाहनों का आवागमन मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली दूर करने को लेकर न तो प्रशासन गंभीर है न जनप्रतिनिधि। करीब एक दशक पूर्व इस सड़क का निर्माण कराया गया था। मरम्मत के अभाव सड़क जगह-जगह टूटती गई। बरवापट्टी से दुदही की दूरी करीब 12 किलोमीटर है, आने-जाने में एक घंटा से अधिक समय लग जाता है। धोबीघटवा से दुदही तक की सड़क की स्थिति और खराब है। विधायक अजय कुमार लल्लू ने कहा कि सड़क की मरम्मत के लिए शासन और लोक निर्माण विभाग को लिखा गया है।

हाटा-गौरीबाजार मार्ग पर चलना मुश्किल

हाटा-गौरीबाजार मार्ग की स्थिति दिन प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। इस मार्ग से जुड़े देवरिया मार्ग की हालत भी खस्ताहाल है। बाघनाथ गांव से देवरिया मोड़ तक दोनों मार्ग लगभग तीन सौ मीटर तक टूटकर गड्ढों में तब्दील है। मरम्मत की कोरमपूर्ति समय-समय पर होती रही, लेकिन राह आसान नहीं हुई। वर्षों से हाटा-गौरीबाजार मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य अधूरा पड़ा है। सबसे खराब स्थिति हाटा कस्बा से सटे खाकी कुटी व परागपुर गांव के आसपास और देवकली, वकीलगंज चौराहे के बीच है। क्षेत्र के संजय दूबे, अनिरुद्ध गुप्त, रामाश्रय सिंह, उपेंद्र सिंह, डा. मनीष उपाध्याय, श्रीधर पांडेय, शिब्बन सिंह, गंगेश्वर उपाध्याय, अखिलेश्वर शर्मा, श्रीनाथ यादव, रामचंद्र यादव, अशोक यादव आदि ने शीघ्र समाधान कराने की मांग की है।

यूपी-बिहार को एनएच 28 से जोड़ने वाला टड़वा-नैनू पहरू मार्ग जगह-जगह टूट कर गड्ढों में तब्दील हो गया है। सड़क पर बिखरी गिट्टियां दुर्घटना का कारण बन रही हैं। करीब पांच किलोमीटर लंबी यह सड़क एनएच 28 से टड़वा-नैनू पहरू गांव होकर बिहार के छत्तरपट्टी बाजार तक जाती है। मीरगंज, सीवान व बिहार के प्रमुख गांवों को जोड़ने वाला लींक रोड भी है। प्रधान संजय मिश्र ने कहा कि सड़क की मरम्मत छह वर्ष पूर्व हुई थी। रख-रखाव के अभाव में टूटकर गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। कामेश्वरी राय का कहना है कि टोल टैक्स और सेल्स टैक्स बचाने के लिए वाहन चालक इसी सड़क का फायदा उठाते हैं। ओवरलोड वाहनों के चलने से सड़क की दुर्दशा बढ़ती जा रही है। विद्या गुप्ता, राजेंद्र यादव, अधिवक्ता ओमप्रकाश मिश्र आदि ने शीघ्र सड़क की मरम्मत कराए जाने की मांग की है।

रिपोर्ट- राहुल पाण्डेय

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