न्यायालय के आदेश के बाद मुख्य सचिव ने दुकानों को बस्ती से हटाने के दिए निर्देश

0
66

जालौन(ब्यूरो)- राजमार्ग पर स्थित शराब की दुकानों को न्यायालय के आदेश के बाद मुख्य सचिव ने भी इन दुकानों को बस्ती से हटाने के निर्देश दिए थे। मुख्य सचिव के निर्देश के बाद भी धड़ल्ले से नगर की बस्ती में शराब की दुकानों का नियमित संचालन हो रहा है। जिस पर आबकारी विभाग के साथ ही जिम्मेदार अधिकारी भी मौन साधे हुए हैं।

लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए उच्चतम न्यायालय ने राजमार्गों से देशी, अंग्रेजी सहित बियर की दुकानों को हटाने के आदेश दिए थे। उच्चतम न्यायालय के आदेश पर एक अप्रैल से राजमार्ग पर संचालित शराब की दुकानें बंद हो गई थीं। इन्हें राजमार्गों से हटाकर अन्यत्र बस्तियों में स्थानान्तरित कर दिया गया था। बस्ती में खुली शराब की दुकानों को लेकर जनता में आक्रोश पनप गया और बस्तियों में खुली शराब की दुकानों का विरोध होने लगा। प्रदेश भर में महिलाओं ने शराब की दुकानों पर उत्पाद मचाकर शराब बंदी के साथ ही शराब की दुकानों को बस्तियों से हटाने की मांग की। प्रदेश में शराब की दुकानों के नए स्थानों पर खुलने पर हुए विवाद के बाद मुख्य सचिव ने एक आदेश जारी कर इन दुकानों को बस्ती, मंदिर, पूजा स्थल, स्कूल व अस्पताल के 500 मीटर दूर खोले जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव के उक्त निर्देश पर उपजिलाधिकारी सौजन्य कुमार विकास ने शराब की दुकानों के संचालकों को 12 अप्रैल को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में नई चैहद्दी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। एक सप्ताह में चैहद्दी न देने पर कार्रवाई की बात भी कही थी। नोटिस के बाद लगभग दो माह का समय बीत चुका है। किंतु न तो दुकानें हटाई गईं और न ही कोई कार्रवाई हुई। ठेकेदार आबकारी विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों से सांठगांठ कर मुख्य सचिव के आदेश को ठेंगा दिखा रहे हैं। जब इस संदर्भ में एसडीएम से बात की गई तो उन्होंने बताया कि एक दुकान बंद करा दी गई है। शेष दुकानों की रिपोर्ट आबकारी विभाग से मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट- अनुराग श्रीवास्तव 

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY