अपटा कांड की सीबीआई जांच के लिए दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक मोर्चा ने दिया धरना

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रायबरेली(ब्यूरो)- ‘‘सितम भी सहना दुआ भी देना, गुजर गया बेबसी का जमाना, अगर हो हिम्मत गिराओ बिजली, बना रहा हूं मैं आशियाना।’’ उक्त ललकार वरिष्ठ अधिवक्ता डी.पी. पाल ने डिग्री कालेज चौराहे पर दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक मोर्चा, रायबरेली द्वारा अपटा कांड की सी.बी.आई. जांच की मांग को लेकर प्रायोजित धरने के दौरान लगायी। उन्होंने संकेत दिया कि वक्त बदल गया है, इसलिए गैर सवर्णों को सावधान होने की जरूरत है। धरने में कई नेताओं ने अलग-अलग अंदाज में वक्तव्य दिये और बाद में 27 लोगों के हस्ताक्षर से युक्त, महामहिम राज्यपाल उ.प्र.को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया और अपटा कांड की सी.बी.आई.जांच कराने की मांग की गयी।

डी.एम.को सौंपे ज्ञापन में डा. राम बहादुर वर्मा, डी.पी.पाल एडवोकेट, पी.एल.पाल एडवोकेट, रामदेव मौर्य, भारत लाल वर्मा, गजाधर प्रसाद मौर्य, शिव राम प्रजापति, धनश्याम निर्मल, रामनरेश पासी, दुखहरन लोधी, शिव प्रसाद विश्वकर्मा, गणेश प्रसाद मौर्य, राम सिंह यादव, राजेश चन्द्रा, आर.पी.यादव, ओ.पी.यादव, अरशद खान, गुरदीप सिंह, शत्रुघ्न मौर्य, राजा घोसी, अरविन्द चैरसिया, संदीप शर्मा, धर्मेन्द्र पासी, छोटेलाल पासी, राजेन्द्र यादव, राम किशोर मौर्य और शिवबहादुर यादव ने लिखा है कि उक्त मामले में विधायक के दबाव में एक पक्षीय जांच की जा रही है, विवेचना के तथ्यों को तोड़ा मरोड़ा जा रहा है, मुख्यमंत्री योगी द्वारा मरने वाले बदमाशों के परिजनों को 5-5 लाख की मदद एवं शस्त्र लाइसेंस दिये जाने से न्याय की उम्मीद धूमिल पड़ गयी है।

मांग की गयी कि उक्त प्रकरण की जांच सी.बी.आई.द्वारा करायी जाय, ग्राम प्रधान रामश्री यादव की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हो और उन्हें सुरक्षा दी जाय। दुर्घटना में घायल अमृत लाल प्रजापति की रिपोर्ट दर्ज की जाय। सी.बी.आई.जांच पूरी होने तक किसी भी मृतक आश्रित को शस्त्र लाइसेंस न दिया जाय| ग्राम अपटा एवं वरगदही गांवों में पुलिस का आतंक खत्म किया जाय। धरने के दौरान प्रशासन द्वारा इतनी मात्रा में सशस्त्र फोर्स लगा दी गयी, जैसे किसी सीमायुद्ध का मोर्चा हो। धरने के कारण शहर की यातायात व्यवस्था ध्वस्त रही। लोगों को आने जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। धरने में आह्वान किया कि इसी प्रकरण से जिलेभर के दलित, पिछड़े व अल्पसंख्यक वर्ग के लोग एकजुट हो।

रिपोर्ट- अनुज मौर्य

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