जिला अस्पताल खुद हो रहा है बीमार

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रायबरेली(ब्यूरो)- जहाँ बीमार व्येक्ति इलाज़ कराने अस्पताल जाता है, खुद को सही करने लेकिन अब अस्पताल को खुद इलाज़ की आवश्यकता हो गई है| हम बात कर रहे है, जिला अस्पताल के मर्चरी हाउस में शव को सुरक्षित रखने के लिए डीप फ्रीजर धूल खा रहे हैं अब तक संचालित न हो पाने से पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने वाले शवों को ऐसे ही कमरे में रख दिया जाता है। ऐसे में भीषण गर्मी में शव से दुर्गंध उठने लगती है, जिससे मरीज व तीमारदारों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है| आलम ये है कि सही आदमी भी बीमारी के आगोश में चला जाये वही अस्पताल प्रशासन भी इस पर कुछ खास नही दे रहा है| पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद कर्मचारियों का कहना था कि अगर डीप फ्रीजर चालू करवा दिया जाए, तो शवों को सड़ने से बचाया जा सकता है।

पोस्टमार्टम हाउस को अपग्रेड करने के साथ ही अज्ञात शवों को कई दिन तक सुरक्षित रखने के लिए शासन स्तर को लिखा भी गया पर वो ठंडे बस्ते में चला गया| ऐसे में पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने वाले शवों को एक खुले कमरे में ही रखवा दिया जाता है, जहां तापमान अधिक होने से कुछ ही देर में शव सड़ना शुरू हो जाते हैं। सबसे खराब स्थिति तो उन शवों की हो जाती है, जिनका पोस्टमार्टम कई कई दिन नहीं हो पाता। अधिक तापमान की वजह से शव सड़ कर गल जाते हैं और उनसे दुर्गंध उठने लगती है। शव से उठने वाली दुर्गंध से पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने वाले लोगों का वहां रुकना मुश्किल नहीं हो पाता है, जो लोग मजबूरी में रुकते भी हैं वह नाक पर कपड़ा ही लगाए रहते हैं। डॉक्टर लोगो को भी बहुत दिक्कतें झेलनी पड़ती है लेकिन इस पर कोई कुछ करना मुनासिब नही समझता है|

रिपोर्ट- अनुज मौर्य

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