गोद लिये गांव में ही कुपोषण से बच्चो को बचाने की मुहिम में असफ़ल विभाग के कर्मचारी

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मैनपुरी(ब्यूरो)- जिलाधिकारी के गोद लिये गांव में ही कुपोषण से बच्चो को बचाने की मुहिम में विभाग के कर्मचारी पलीता लगा रहे है| किसी भी कर्मचारी द्वारा गर्भवती महिलाओं,बच्चों के टीकाकरण ,वजन आदि के रजिस्टर सही प्रकार नहीं भरे हैं, जो बच्चे 03 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं उनके नाम काटे गये परन्तु आंगनवाड़ी कार्यकत्री नहीं बता सकी कि वह बच्चे कहां शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उपस्थिति पंजिका में माह का नाम ही दर्ज नहीं है जबकि रजिस्टर का अवलोकन सुपर वाईजर द्वारा भी किया गया है। गर्भवती महिलाओ के रजिस्टर में भी भिन्नता मिली, एएनएम के रजिस्टर में रेखा पत्नी नेम सिंह को टी.टी. प्रथम का टीका 27 मई को लगाया जाना दर्शाया गया है, परन्तु आंगनवाड़ी कार्यकत्री के रजिस्टर में अंकन नहीं मिला। गर्भवती प्रियंका की कोई जांच दर्ज नहीं, गर्भवती पे्रमलता का नाम ही दर्ज नहीं है रजिस्टर में अति कुपोषित बच्चे ज्यादा दर्ज है। परन्तु रिपोर्ट में कम दिखाये गये है, ग्राम स्तरीय अधिकारी कर्मचारी कतई कार्य नही कर रहे है।

जिलाधिकारी यशवन्त राव जब गोद लिये गये गांव ईकरी ,बडे़री पहुंचकर बच्चों की सेहत का ध्यान रखने वालो का यह हाल देखा तो भौचक्के रह गये। उन्होने असन्तोष व्यक्त करते हुए सुपरवाईजर प्रवेश कुमारी का तत्काल प्रभाव से वेतन रोकते हुए निलम्बत हेतु निदेशक को पत्र लिखे जाने, आंगनवाड़ी कार्यकत्री, रन्नू, सन्तोष की सेवायें समाप्त करने, सीडीपीओ का वेतन आहरित न करने के निर्देश देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी को कार्य न करने वाले, बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालो के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की हिदायत दी। उन्होने ईकरी की आंगनवाड़ी के वजन रजिस्टर में काफी गड़बड़ी देखी। 01 माह पूर्व अनमोल का वजन 6.600 किलो दर्शाया गया, 01 माह बाद 8.400 किलोग्राम रजिस्टर में भरा गया, कई बच्चों का वजन लिखकर काटा गया। अभिलेखों में छेड़छाड़ की गयी। गर्भवती महिलाओं, किशोरियों के स्वास्थ्य के बारे में कोई कार्य नही किया जा रहा है। समय से जांच भी नहीं की जा रही है। अतिकुपोषित बच्चों को पोंषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती नहीं कराया जा रहा है। समय से पोषाहार का वितरण नहीं किया जा रहा है।

श्री राव को कमोवेश यही स्थिति बड़ेरी मिलीं। यहां की आंगनवाड़ी कार्यकत्री ममता ने सभी अभिलेख खो दिये हैं ग्राम की इश्का जो 07 माह की है अतिकुपोषित है परन्तु उसे एनआरसी में भर्ती नहीं कराया गया है। उसे सोमवार को एनआरसी में भर्ती कराने के आदेश जिला कार्यक्रम अधिकारी को दिये। साथ ही दोषी आंगनवाड़ी कार्यकत्री के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराकर सेवा समाप्त की जाये। उन्होने सचेत करते हुए कहा कि यदि किसी के द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लापरवाही बरती गयी तो उसे गभ्भीर परिणाम भुगतने होगें। उन्होने उपस्थित गर्भवती महिलाओं , कुपोषित, अतिकुपोषित बच्चो के अभिभावकों से कहा कि वे गर्भवती महिलाओं, बच्चो के अभिभावको से कहा कि वे गर्भवती महिलाओं, बच्चो के खानपान का विशेष ध्यान रखें, कुपोषण की श्रेणी में आने वाले बच्चों का मानसिक, शारीरिक विकास अवरूद्ध होता है।

निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर अमित सिंह, खण्ड विकास अधिकारी सदर दिलीप कुमार सोनकर, जिला कार्यक्रमअधिकारी साहब यादव, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी आदि उपस्थित रहे|

रिपोर्ट- दीपक शर्मा 

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