आद्रा बीत रहा और अब तक बारिश के लिए तरस रहे हैं किसान

प्रतीकात्मक

बलिया(ब्यूरो)- अप्रैल से ही लगातार गर्मी व उमस का दंश झेल रहे लोग अब इससे पूरी तरह आजिज आ गए हैं। जून बीतने को है और बारिश की एक बूंद को भी तरस रहे लोग बेइंतहा गर्मी के कारण बिलबिलाने को मजबूर हो गए हैं। आसमान में बादलों की हो रही आवाजाही के बावजूद भी बारिश के नहीं होने से लोगों की हालत खराब हो गई है। जून महीने में एकाध दिन हुई बारिश के बाद लगातार गर्मी व उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इसमें गुरुवार को भी पूरे दिन पूर्वा हवा के चलने से गर्मी और भी तीव्र हो गई। सुबह भोर में आसमान में बादल जरूर आए पर थोड़ी देर में ही फिर धूप निकल गई। ऐसे में पूर्वा हवा से पूरे दिन लोग उमस से बिलबिलाते रहे। आसमान में पूरे दिन बादलों की आवाजाही से किसानों की हालत भी काफी खराब हो चली है।

उमस की वजह से लोगों में गजब की बेचैनी रही तो कहीं भी चैन व सुकून नहीं मिल रहा था। हालांकि हल्की धूप ने भी लोगों को उसी तरह से परेशान करने का काम किया। इसमें जो लोग बाइक व साइकिल आदि से निकल रहे उनको तो काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात थे कि दोपहर में लोग धूप व गर्मी से बचने के लिए पेड़-पौधों की छांव तलाशते रहे। प्रचंड रूप से पड़ रही गर्मी से इंसान के साथ ही पशु-पक्षी भी परेशान हो गए हैं। इसमें तेज धूप की वजह से लोग घरों से निकलने में भी परहेज कर रहे हैं। ऐसे में गर्मी के इतने आक्रामक तेवर को देख लोगों में चर्चा भी खूब शुरू हो गई है कि अब बारिश होगी भी या नहीं।

बीत रहा आद्रा पर बारिश का पता नहीं-
जून महीने के साथ ही आद्रा नक्षत्र भी धीरे-धीरे बीत रहा पर बारिश का कहीं अता-पता नहीं है। ऐसे में जून के महीने में जहां बारिश होनी चाहिए वहां सड़कों पर धूल उड़ रही है। आद्रा नक्षत्र में बारिश खेती-किसानी के लिहाज से सोना माना जाता है लेकिन यहां तो लोग बरसात की एक बूंद के लिए भी तरस गए हैं। इसमें आसमान में ललचा कर निकल जा रहे बादल लोगों पर और भी सितम ढाने का काम कर रहे हैं। हालात है कि अब प्रचंड रूप से पड़ रही गर्मी व उमस से त्राहि-त्राहि कर रही जनता अब सिर्फ बारिश ही मांग रही है। इसमें किसान तो बारिश के लिए और भी त्रस्त व परेशान हो गए हैं।

 

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