जुझारूओं को नहीं मिली लालबत्ती, पड़ोसी भी रहे महरूम

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मैनपुरी(ब्यूरो)- जहां से पिछले सप्ताह तक प्रदेश की सत्ता का चिराग जलता था। भारी जीत के साथ भाजपा द्वारा हासिल की गई सत्ता के गलियारों में वहीं जिले छोड़ दिये गये। यहां किसी को भी लालबत्ती न मिलने से कार्यकर्ता खासे मायूस दिखने लगे हैं । उनका कहना है कि इन चर्चित सीटों पर विजयश्री हासिल करना किसी के बस में शायद नहीं था।
प्रदेश में रविवार की सायं ली गई मुख्यमंत्री पद की शपथ के बाद मतदाताओं और जनता में ये कयास लगाया जा रहा था कि लम्बे समय तक विरोधी दलों की सरकारों के बीच भाजपा की पहचान बनाये रखने वाले भोगांव से विधायक रामनरेश अग्निहोत्री को मंत्री मण्डल में स्थान जरूर मिलेगा। इन्होने सपा के पांच वार के विधायक और पूर्व शिक्षा राज्य मंत्री आलोक शाक्य को 20 हजार मतो से पराजित किया है। इसके साथ ही फर्रूखाबाद, औरैया, इटावा और फिरोजाबाद से भी जीते भाजपा विधायकों को लालबत्ती न मिलने से उत्साही कार्यकर्ता खासे नाराज दिखने लगे है। उनका कहना है कि यदि इस इलाके में भाजपाईयों का सम्मान बरकरार रखना है तो कम से कम जिन लोगों ने भारी विरोध के बाद भी पार्टी के लिये खाता खोला है उन्हें निगम और परिषदों में समायोजित किया जाये।

रिपोर्ट- दीपक शर्मा

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