कैश की किल्लत से जूझ रहे इलाकाई बैंक, उपभोक्ताओं की फजीहत

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रसड़ा/बलिया (ब्यूरो)– ईद व लगन का दिन आने के पूर्व ऐन मौके पर बैंक शाखाओं के द्वारा खाताधारकों को उनके जमाधन को देने के नाम पर हाथ उठा देने या ऊंट के मुह में जीरा के बराबर भुगतान दिये जाने से खाताधारकों में हाहाकार की स्थिति उत्पन्न हो गयी है।

नतीजा यह है कि वे अपने भविष्य को लेकर काफी चितिंत देखे जा रहे है। उनका कहना है कि यदि जीएसटी सहित सारे सब्सिडी, टैक्सों व खातां के माध्यम से व्यापारी, किसान व आम आदमी सरकार को दिये जाने वाले देयों को इमानदारी से दे रहा है। तो आखिर उसी के जमाधन को बैंक शाखाओं द्वारा भगतान न करके कृत्रिम अभाव की स्थिति क्यों पैदा की जा रही है। बताते चले कि लगन आने या त्यौहार आने के पूर्व एक सप्ताह से लोग बैंक शाखाओं पर पहुंचकर अपने खातों से आवश्यकतानुसार पैसों का आहरण करते है। किन्तु इस बार पांच छह दिनों से भारतीय स्टेट बैंक रसड़ा के शाखा के साथ सेंट्रल बैंक शाखा से बचत खाता तो दूर करेंट एकाउण्ट से भी मनमाफिक पैसों का आहरण नहीं किया गया है।

यही नहीं लोगों को कई बार अपने चेक को फाड़ना पड़ रहा है क्योंकि जो एमाउण्ट उस चेक पर लिखा होता बैंक प्रबंधन द्वारा उससे कम धनराशि अंकित कर लाने को कहा गया बावजूद इसके 10-20 हजार रूपये का भी भुगतान नहीं किया गया। क्षेत्रीय खाताधारकों ने लोकप्रिय भाजपा की केंद्र सरकार से बैंक शाखाओं पर या तो पर्याप्त मात्रा में रूपयों की खेप भेजने की व्यवस्था करने या लापरवाह बैंक अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त करने के साथ उनके खिलाफ दण्डनात्मक कार्रवाई करने की मांग की हैl

रिपोर्ट- कृष्णा शर्मा

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