दुनिया की कुछ ऐसी पुरातात्विक खोजें जिन्होंने कर रखा वैज्ञानिकों को परेशान नहीं सुलझे अभी तक इनके रहस्य – जानें

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जैसा की आप सभी जानते ही है कि पूरी दुनिया में प्रतिवर्ष पुरातात्विक विभाग के लोग मिलकर लाखों ऐसी चीजें खोज कर निकाल लेते हैं जिनका हमारे बीते हुए समय से बहुत ही गहरा ताल्लुक रहता है I जिन खोजों के माध्यम से हमें यह पता चल पाता है कि मनुष्य का विकास किस ओर हो रहा है और हमसे पहले जो पीढियां इस संसार में थी वह कितनी विकसित थी उनके पास क्या था और क्या नहीं था I बहुत सी ऐसी चीजें हमें मिल जाती हैं जिनका आज का विज्ञान रहस्य उजागर कर लेता है और बहुत सी ऐसी भी चीजें होती हैं जिनके बारे में हमारे वैज्ञानिक भी अपने हाथ खड़े कर देते हैं I चाहकर या फिर न चाहते हुए I आज हम आप के साथ उन्ही कुछ चीजों/खोजों को लेकर आ रहे है I आइये जानते हैं कि क्या चीजें हैं वह –

 

जब अमेरिका में मिला शुद्ध लोहे का बना हुआ करोड़ों वर्ष पुराना हथौड़ा –

hammer

दुनिया भर में होने वाली आये दिन पुरातात्विक खोजों में से एक यह भी है जिसने अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों के वैज्ञानिकों को बहुत अधिक परेशान किया है I अमेरिका में हुई खोजों में सन 1934 में  140 मिलियन साल पुरानी लाइमस्टोन की  चट्टानों में एक लोहे की हथौड़ी मिल गयी थी। जब अमेरिका के वैज्ञानिको ने इसका प्रयोगशाला में इसका अध्ययन करना प्रारंभ किया तो उनके सामने इसके जो नतीजे आ रहे थे वह उन्हें देख कर चौक गए क्योंकि हथौड़े में लकड़ी का बेंत लगा हुआ था वह अब अन्दर से कोयले में परिवर्तित हो चुका था लेकिन लोहा एक 100% शुद्ध था I इन रिजल्ट ने एक बात साबित कर दी थी की यह हथौड़ा कई मिलियन वर्ष पुराना हैं I और वैज्ञानिकों को जो दूसरी बात सबसे अधिक परेशान कर रही थी वह यह कि यह हथौड़ा जिस लोहे का बना हुआ था वह इतना शुद्ध है कि जितना आज तक पूरी दुनिया में इतना शुद्ध लोहा तो कभी निकला ही नहीं I

आपको बता दें कि इस लोहे की शुद्धता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब 1934 में अमेरिका के पुरातत्व विभाग के लोग इसे निकाल रहे थे तब इसमें खरोच लग गयी थी लेकिन आज इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी इस हथौड़े में जंग का कहीं भी एक निशाँ भी नहीं पाया जाता है I अगर हम वैज्ञानिकों की माने तो इस हथौड़े की आयु तक़रीबन 60 से 145 मिलियन वर्ष पुराना है I जबकि हमारे वैज्ञानिक इस बात का दावा करते है कि आधुनिक मानव ने इस तरह के हथियारों का आविष्कार मात्र 10,000 वर्ष पूर्व ही किया है I

सहारा के रेगिस्तान में पत्थरों से बना हुआ खगोलीय ढांचा  –

सहारा रेगिस्तान में पत्थरों से बना खगोलीय ढांचा

दुनिया के सबसे बड़े रेगिस्तान सहारा में स्थित पत्थरो का यह ढांचा दुनिया को कुछ बता रहा है लेकिन इस बात की जानकारी आज भी एक रहस्य बनी हुई हैं कि आखिर यह ढांचा कैसे बना है और आखिर यह क्या कह रहा है I यह आज भी दुनिया के सबसे बड़े रहस्यों में से एक है। आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि पहली बार 1973 में पुरातत्व के जानकार यहां पर पहुंचे थे। ज्ञात हो कि जब वर्ष 1998 में प्रोफेसर फ्रेड वैंडोर्फ की टीम ने पत्थरों के स्ट्रक्चर का अध्ययन किया तो यह पता चला कि इन्हें तक़रीबन 6000 साल ईसा पूर्व में बनाया गया है।

 

तीन सौ मिलियन साल पुराना लोहे का पेंच बना रहस्य (Iron bolt, age 300 million years) –

तीन सौ मिलियन साल पुराना लोहे का पेंच

यह घटना है वर्ष 1998 की जब रूष के वैज्ञानिक दक्षिण-पश्चिम मॉस्को से करीब 300 किलोमीटर दूर एक उल्का के अवशेष की जांच कर रहे थे। इस दौरान उन्हें एक पत्थर का टुकड़ा मिल गया जिसमें एक लोहे का पेंच लगा हुआ था I भूवैज्ञानिकों की अगर माने तो यह पत्थर तक़रीबन 30 मिलियन वर्ष पुराना यानि की (30 करोड़) वर्ष पुराना है I जबकि अगर हम आज के विज्ञान की बात करें तो उसके अनुसार तो तब इस धरती पर डायनासोर भी नहीं हुआ करते थे तो ऐसे नागरिकों की तो कल्पना करना ही बेकार हैं जो लोहे का पेंच बना कर किसी पत्थर में फंसा सकें I पत्थर के बीच लोहे का पेंच साफ दिखाई पड़ता है। इसकी लंबाई एक सेंटीमीटर और व्यास तीन मिलीमीटर है।

 

जापान का प्राचीन रॉकेट जहाज -(Ancient Missile Ship – Japan)

प्राचीन रॉकेट जहाज - जापान
इस तश्वीर में जो आप आकृति देख रहे है यह कोई तश्वीर नहीं है बल्कि यह कोई वास्तविक जहाज का फोटो नहीं बल्कि एक आकृति है जो तकरीबन 5, 000 ईसा पूर्व बनायीं गयी थी I गुफा में बनी इस तश्वीर को देखने के बाद वैज्ञानिकों के दिमाग में सवाल आता है कि क्या इतने वर्ष पहले कोई विमान था I अगर नहीं था तो इसे किस सोच के आधार पर बनाया गया था I

 

खिसकते पत्थर – डेथ वैली, कैलिफोर्निया  (Moving Stones – Death Valley, California) :-

कैलिफोर्निया के खिसकते पत्थर –

खिसकते पत्थर - डेथ वैली, कैलिफोर्निया

दुनिया भर के प्रसिद्द देशों में से एक कैलिफोर्निया पिछले कई दशकों से अपनी डेथ वैली के नाम से मशहूर एक अजीबों गरीब मैदान के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्द हैं I ज्ञात हो कि यहाँ पर तक़रीबन 150 से भी अधिक पत्थर है जो कि केवल इसीलिए चर्चा का विषय बने हुए है क्योंकि वह अपनी जगह से अपने आप ही बिना किसी अतिरिक्त मदद के एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले जाते है I यह बात अलग है कि आज तक दुनिया के किसी भी इन्शान ने इन पत्थरों को खिसकते हुए नहीं देखा I लेकिन इन पर शोध किया गया और पाया गया कि यह अपने आप ही खिसकने लगते है I लेकिन यह क्यों खिसकते हैं यह किसी को पता नहीं है I

ज्ञात हो कि वर्ष 1972 इस अबूझ पहेली को सुलझाने के लिए वैज्ञानिकों की एक टीम का गठन किया गया था I इन वैज्ञानिकों ने सबसे पहले इन पत्थरों का अलग-अलग नाम रखा था और उसके बाद तक़रीबन 7 वर्षों तक इन पर अध्ययन किया गया और सबसे दिलचस्प बात यह हुई कि इन 7 सालों में करीन नाम का पत्थर जिसका वजन तक़रीबन 317 किलोग्राम था वह अपने स्थान से जरा भी नहीं हिला था I लेकिन जैसे ही वैज्ञानिकों ने इस पर अध्ययन करना बंद किया और उसके बाद अचानक एक दिन वह उसी स्थान पर गए तो उन्होंने पाया कि केरीन नाम का वह पत्थर अपने मूल स्थान से तक़रीबन 1 किलोमीटर की दूरी पर था I इस वैज्ञानिकों ने कहा कि ऐसा तेज हवाओं के चलने की वजह से होता है I

अब विचित्र बात यह है कि 317 किलो वजन के पत्थर को हवा में गति देने के लिए कितनी हवा की आवश्यकता पड़ेगी यह आप खुद विचार कर लें और दूसरी सबसे बड़ी बात क्या जब वैज्ञानिक अध्ययन कर रहे थे उन 7 वर्षों के दौरान कभी हवा नहीं चली ? मैं कहता हूँ कि 1 किलोमीटर न सही 1 मीटर तो खिसक ही सकता था वह पत्थर I

विशाल जीवाश्म – आयरलैंड  (Fossil Giants – Ireland) –

विशाल जीवाश्म - आयरलैंड

इस विशाल आइरिश जीवाश्म की लंबाई 12 फीट से ज्यादा है। इसकी खोज आयरलैंड के अंतरिम में खुदाई के दौरान हुई थी। इस तस्वीर को ‘द ब्रिटिश स्ट्रैंड मैगजीन ऑफ दिसंबर 1895′ से लिया गया है। मैगजीन के मुताबिक, जीवाश्म की लंबाई 12 फीट 2 इंच, सीने की परिधि 6 फीट 6 इंच, बाजुओं की लंबाई 4 फीट 6 इंच है। इसके अलावा दाएं पैर में छह अंगुलियां हैं।

विशाल इंशानी जबड़ा –

भीमकाय इंसानी जबड़ा -  नेवाडा, अमेरिका

अमेरिका के नेवाडा में कहा जाता है कि यहाँ पर लाल वाले तक़रीबन 12 फिट लम्बे लोग पाए जाते थे I वर्ष 1911 अमेरिका में हुई खुदाई में इंसानी जबड़ा मिला है तश्वीर के माध्यम से एक बात बिलकुल साफ़ हो जाती है कि जब जबड़ा इतना बड़ा हो सकता है तो इन्शान कितने बड़े होते रहे होंगे I इसके अलावा 1931 में दो मानव कंकाल भी मिले थे, जिनकी लंबाई 8 व 10 फीट थी।

एल्युमीनियम कील – रोमानिया (Aluminium Wedge – Romania) –

एल्युमीनियम कील - रोमानिया

1974 में त्रानसिलवेनिया की मुर्स नदी में 20, 000 साल पुराने मैस्तदन की हड्डियों के साथ एक अलुमिनिम की कील मिली थी। इस कील पर आक्साइड की एक मिलीमीटर मोटी परत चढ़ी हुई थी। वैज्ञानिकों के मुताबिक, कील 300-400 साल पुरानी है। गौरतलब है कि अलुमिनियम हमेशा अन्य धातुओं के साथ मिश्रित पाया जाता है, लेकिन चार सौ साल पुरानी ये कील विशुद्ध अलुमिनियम की बनी हुई है। वैज्ञानिकों के बीच अबूझ पहेली ये है कि 1808 के पहले तक अलुमिनियम की खोज ही नहीं हुई थी। ऐसे में चार सौ साल पहले विशुद्ध अलुमिनियम कैसे आ सकता है।

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