उद्घाटन काल से बंद है अस्पताल, अब बना जुए का अड्डा

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दरभंगा– उत्तर बिहार का सबसे बड़ा चिकित्सीय अस्पताल डीएमसीएच में विभागीय लापरवाही के कारण विगत 8 सालों से 30 बेड वाले साइकेटिक अस्पताल जहां बनकर तैयार है| वहीं आज की तारीख तक भी उक्त भवन में मरीजों के लिए एक बेड की व्यवस्था ठीक से नहीं है| इतना ही नहीं, बदहाली का यह आलम है कि उक्त भवन का कैंपस जुआरियों का अड्डा बन गया है| संबंधित विभाग के कोई भी अधिकारी उक्त भवन की ओर झांकने तक नहीं जाते हैं| मालूम हो कि इस अस्पताल का उद्घाटन तत्कालिक भवन निर्माण मंत्री छेदी पासवान ने 18 दिसंबर, 2008 में किया था. मगर, उक्त अस्पताल में अब तक स्वास्थ्य व्यवस्था बहाल नहीं हो पायी है|

बताते चलें कि उक्त मनोचिकित्सा अस्पताल में डीएमसीएच अंतर्गतगत एआरटी केन्द्र सहित एक अन्य चिकित्सकीय विभाग को शिफ्ट करना था. लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण अब तक एआरटी केन्द्र क्या साइकेटिक अस्पताल भी नहीं चालू हो सका है| वहीं आज डीएमसीएच के 92वां स्थापना दिवस के मौके पर लाखों रुपये खर्च किये जा रहे हैं, लेकिन इसे देखनेवाला कोई नहीं है|

रिपोर्ट – आशुतोष कुमार

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