नरक की जिन्दगी जी रहे हैं भिरहा गांव के लोग, जल-जमाव से उत्पन्न हुई समस्या

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रोसड़ा:समस्तीपुर(ब्यूरो)- नरक की जिन्दगी जी रहे हैं प्रखंड के भिरहा गांव के हजारो लोग ज़रा सी बारिश होने पर होली स्पेशल व नील मनी की पावन भूमि भिरहा गांव की हालत बद से बदतर हो जाती है| खासकर उत्तरवारी टोल के लोग तो जान हथेली पर लेकर इस बारिश के मौसम में रहने को विवश है|

इस स्थिति का जिम्मेवार दयनीय व टूटा-फूटा सड़क है. जिसके चलते ग्रामीणों को भारी संकट से गुजरना पड़ता है| जलजमाव के कारण ग्रामीणों का खेती-बारी भी चौपट हो रही है क्योंकि खेतों तक पहुंचने का एक मात्र रास्ता यही है| इसके अलावे मुख्य सड़क होने के नाते कई गांवों के लोगों को भी आने-जाने में भारी कष्ट का सामना करना पड़ता है|

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य आज से पांच महीने पहले शुरू हुआ था लेकिन गांव के दो चार असमाजिक तत्व ने अड़ंगा लगाकर सड़क का निर्माण नहीं होने दिया|

अधूरे पड़े सड़क पर ही जलजमाव होता है| उक्त जलजमाव स्थल के दो तरफ़ सड़क बन चुका है और बीच में जल जमाव की समस्या गहराता जा रहा है| थोड़ा जमकर बारिश हो गयी तो दर्जनों लोग के घर में पानी घुस जाता है|

गांव के शशि राय, चंद्र भूषन राम, कन्हैया राय, कृष्ण कन्हैया राय, शम्भू राय, रामश्र्य राय, कन्हैया राय, बूच्चन राय, मुन्ना जी, वसंत राय, बौआ राय, राधेश्याम राय समेत दर्जनों लोगों का कहना है कि घर में जलजमाव होने से बरसाती सर्प-मेढक से खतरा बढ़ता जा रहा है|

पानी सड़ने पर मच्छर से तरह-तरह की बीमारियां भी फैलने की भी आशंका बढ़ जाती है| ग्रामीणों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस समस्या से निजात अविलम्ब नहीं दिलाया गया तो गांव के लोगों द्वारा चरणवद्ध आन्दोलन आरम्भ किया जाएगा|

रिपोर्ट-रंजीत कुमार

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