गहमर बवालः फरार उपद्रवियों की फोटो जारी करेगी पुलिस

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गाजीपुर(ब्यूरो)-गहमर कांड को लेकर पुलिस कोई मरौव्वत करने के मूड में नहीं है। पुलिस कप्तान सुभाषचंद्र दूबे ने इस मामले में सोमवार की शाम पुलिस लाइन में मीडिया से बात की। कहे कि गहमर थाने पर हमला राजनीतिक साजिश का परिणाम है। उस साजिश में अराजकतत्वों को भी अपनी कारस्तानी दिखाने का मौका मिला। अपनी बात को पोख्ता करने के लिए उन्होंने कहा कि सड़क पर गड्ढे हैं तो ट्रक पलटेगा ही। उसमें जनक्षति संभव है लेकिन उसको लेकर थाना मुख्यालय पर हमला हो। यह सामान्य जनाक्रोश नहीं हो सकता। बताए कि सीसीटीवी कैमरे में आए कुल 25 में 15 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके अलावा करीब 400 अज्ञात हैं। दो और पकड़े गए थे लेकिन जांच में उनकी कोई भूमिका सामने नहीं आई। लिहाजा उन्हें छोड़ दिया गया।
पुलिस कप्तान ने बताया कि इस मामले में बलवा, लूट, हत्या के प्रयास, आगजनी, सरकारी कामकाज में बाधा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित और कई संगीन मामले दर्ज किए गए हैं। बताए कि सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए अन्य अभियुक्तों की भी तलाश हो रही है। जरूरत पड़ी तो उनकी फोटो को पोस्टर गहमर की गलियों में चस्पा होंगे। उनके खिलाफ रासुका लगेगा। पुलिस कप्तान ने कहा कि गिरफ्तार उप्रद्रवियों में जमानियां की भाजपा उम्मीदवार रघुवीर सिंह हमले के वक्त थाने में नहीं थे लेकिन बाहर खड़े होकर पूरे घटनाक्रम को देख मुस्करा रहे थे। जाहिर है कि वह भी हमले की साजिश में शामिल रहे।
उन्होंने कहा कि कोशिश यही है कि सभी उपद्रवियों को आठ मार्च को मतदान से पहले गिरफ्तार कर लिया जाए या फिर वह अपने फरारी काल में कम से कम मतदान तक गहमर क्या जमानियां क्षेत्र में आने का साहस न करें। श्री दूबे ने उपद्रवियों की धरपकड़ में बेकसूरों के घरों में जबरिया घुस कर तोड़फोड़, महिलाओं को अपमानित करने का पुलिस पर लग रहा आरोप बेमानी है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हो रहा है तो पीड़ित उन्हें साक्ष्य पेश करे। दोषी पुलिस कर्मियों पर वह सख्त कार्रवाई करेंगे। कहे कि बेकसूर तो दूर गिरफ्त में आए उपद्रवियों को भी कोई प्रातड़ना नहीं दी जाएगी। उन्हें खुद कोर्ट दंडित करेगी। पुलिस का काम डराना-धमकाना नहीं। आमजन से सामंजस्य, संवाद कायम कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने का है।
इस मौके पर पुलिस कप्तान ने गिरफ्तार उपद्रवियों को पेश किया। उनमें सुजीत सिंह, विकास कुमार, विवेक कुमार, हरेंद्र सिंह, रामसिंह, मुनेश्वर सिंह, रघुवीर सिंह, पवन सिंह, रोहित सिंह, प्रवीण सिंह, दिलीप भारती, अमित सिंह, चंदन सिंह, बद्री राम व राजेश कुमार सिंह पिंटू थे। मालूम हो कि शनिवार की शाम साढ़े छह बजे बिहार से आ रहा ट्रक गहमर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के पास सड़क के गड्ढे में पलट गया था। उसमें दलित परिवार का बालक राजकुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी। बालिका सहित तीन घायल हो गए थे। उसके बाद ग्रामीण उग्र हो गए थे और सैकड़ों की संख्या में लामबंद होकर गहमर थाना मुख्यालय पर हमला बोल दिए थे। एसओ की सरकारी जीप, चार बाइक, तीन ट्रक फूंक दिए थे। साथ ही थाना मुख्यालय के कंप्यूटर कक्ष में तोड़फोड़ किए थे।

रिपोर्ट-डा०विजय कुमार यादव
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