सत्ताधीश बदल गया लेकिन कानून के रक्षक आज भी जस के तस

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प्रतापगढ़ (ब्यूरो)- कहते है कि निज़ाम बदल जाने से शासन व्यवस्था में भी बदलाव हो जाता है लेकिन यहाँ उत्तर प्रदेश का निज़ाम तो बदले हुए महीनों बीत चुके है लेकिन यदि हम शासन व्यवस्था में सुधार की बात करें तो वही ढाक के तीन वाली ही बात है | आज भी यहाँ के कर्मचारी और अधिकारी अपने पुराने ही रवैये से काम कर रहे है |

आपको बता दें कि हाल ही के मामले में चिलबिला गाँव के मोनू सिंह की संदिग्ध ह्त्या का एक प्रसंग सामने आया है | इस मामले में मोनू सिंह (मृतक) के मामा का आरोप है कि उसके भांजे मोनू सिंह कि ह्त्या उसी के पिता और अन्य परिजनों ने मिलकर कर दी है और बिना उसको सूचित किये ही उसकी लाश को भी जला कर सभी साक्ष्यों को मिटा दिया गया है |

इस मामले में पीड़ित अपने भांजे को न्याय दिलाने के लिए मुकदमा दर्ज करवाने के लिए लगातार प्रतापगढ़ पुलिस के दरवाजों के चक्कर काट रहा है लेकिन यह प्रतापगढ़ की पुलिस है कि सुनने के लिए तैयार ही नहीं है | उच्चअधिकारियों के निर्देश के बाद भी आज तक पीड़ित का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है और न ही आरोपियों को ही गिरफ्तार कर या फिर उनसे पूछताछ ही की गयी है |

क्या है पूरा मामला-
पीड़ित पक्ष द्वारा दिए गए दस्तावेजों के आधार पर बताया जा रहा है कि पीड़ित की बहन साधना सिंह की शादी चिलबिला गाँव के अमर सिंह के साथ हुई थी | तीन वर्ष पहले संदिग्ध अवस्था में साधना सिंह की मौत हो गयी थी | साधना सिंह को एक मात्र संतान थी जिसका नाम भोलू सिंह था |

पीड़ित के अनुसार भोलू को इस बात का अंदेशा था कि उसके पिता अमर सिंह और अन्य परिजन उसकी ह्त्या करने वाले है | जिसके चलते वह बीती 28 जून को अपने मामा के यहाँ गया था और उसने बताया था कि उसके पिता अमर सिंह, बड़े पापा पुरुषोत्तम सिंह, बड़ी मम्मी किरण सिंह और उसका चचेरा भाई प्रीतम सिंह उसे जान से मार देना चाहते है |

भोलू की इस शिकायत पर पीड़ित ने अपने भांजे को एक नया मोबाइल फ़ोन खरीदकर दिया और उसे समझा बुझाकर उसके अपने गाँव भेज दिया और कहा कि यदि उसे आगे से कोई परेशान करता है तो वह उन्हें फ़ोन पर सूचित करे | लेकिन पीड़ित ने बताया कि इसी दौरान बीती 8 जुलाई को अमर सिंह और उसके उक्त परिजनों ने उसके भांजे भोलू को पहले बुरी तरह से पीटा और बाद में गला घोंटकर उसकी ह्त्या कर दी |

इतना ही नहीं किसी को इसकी भनक न लगे इसके लिए उन लोगों ने बिना किसी कोई भी जानकारी दिए ही आनन्-फानन में ही लाश को ले जाकर जला भी दिया था | बाद में जब पीड़ित को अन्य लोगों के माध्यम से उक्त घटना के बारे में पता चला तो पीड़ित बहन की ससुराल पहुचा और उसने जब इस मामले में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश कि तो अमर सिंह और उसके घरवालों ने कहा कि भोलू को तो मार ही दिया है ज्यादा यहाँ बवाल करोगे तो तुम्हे भी मार दिया जाएगा |

पीड़ित परिवार अब अपने मृत भांजे को न्याय दिलाने के लिए दर-दर की ठोंकरे खाने के लिए विवश है | मृतक भोलू सिंह के मामा का आरोप है कि उसके भांजे के हत्यारे दबंग है और इसी के चलते उनकी कोई भी सुन नहीं रहा है |

रिपोर्ट- अवनीश कुमार मिश्रा 

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