ब्रिक्स सम्मलेन में बोले प्रधानमंत्री श्री मोदी, कहा ब्रिक्स देशों को आपसी सहयोग बढाने पर ध्यान देने की हैं आवश्यकता

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The Prime Minister, Shri Narendra Modi delivering his address at the Plenary Session of the BRICS Summit, in Ufa, Russia on July 09, 2015.
The Prime Minister, Shri Narendra Modi delivering his address at the Plenary Session of the BRICS Summit, in Ufa, Russia on July 09, 2015. photo credit -PIB

ब्रिक्स सम्मलेन शरुआत हो चुकी हैं और यह आगे की तरफ बढ़ चला हैं, ब्रिक्स सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा हैं कि ब्रिक्स समूह के सभी देशों को आपसी सहयोग के क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता हैं, साथ ही प्रधानमन्त्री श्री मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय योगा दिवस को अपना समर्थन देने के मुद्दे पर ब्रिक्स के सभी देशों को धन्यवाद देते हुए कहा हैं कि हम ह्रदय से विश्व योग दिवस पर समर्थन पर आप साहबी का आभार प्रकट करते हैं I

ब्रिक्स में एग्रीकल्चर पर बोले पी.एम. मोदी-

जलवायु मुद्दे और खेती के मुद्दे पर बात करते हुए श्री मोदी ने कहा हैं कि हम सभी को इन दिशाओं में ठोस कदम उठाने की जरूरत हैं I आज के समय में जलवायु परवर्तन इस समूचे विश्व के सामने एक चिंता का प्रभावकारी विषय बना हुआ हैं I श्री मोदी ने ब्रिक्स को दिए अपनी तरफ से प्रस्तावों में एक ब्रिक्स एग्रीकल्चर रिसर्च सेंटर खोलने की भी बात कही हैं I

ट्रेड फेयर का भी प्रस्ताव दिया श्री मोदी ने –

“सांतवे ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान अपने दस स्टेप में से एक ब्रिक्स ट्रेड फेयर पर भी जोर दिया उन्होंने कहा हैं कि मैं ब्रिक्स वार्षिक व्यापर मेले का प्रस्ताव रखूँगा और भारत को पहले ब्रिक्स वार्षिक व्यापर मेले की मेजबानी करने में ख़ुशी महशूस होगी I”

साथ ही प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ब्रिक्स डिजिटल इनिशिएटिव की भी बात कही हैं और साथ ही प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा हैं कि हमें आपस में संस्कृतिक आदान-प्रदान के बारे में भी सोचना चाहिए और इस पर बात करते हुए उन्होंने कहा ki हमें साल में एक बार ब्रिक्स फिल्म फेस्टिवल की आवश्यकता जान पड़ती हैं I

ब्रिक्स बैंक (न्यू डेवलपमेंट बैंक) में 18 अरब डालर का योगदान देगा भारत –

100 अरब डालर के साथ प्रारंभ हो रहे न्यू डेवलपमेंट बैंक (ब्रिक्स बैंक) में भारत 18 अरब डालर का सहयोग करेगा I आपको बता दें की इस न्यू डेवलपमेंट बैंक (ब्रिक्स बैंक) की स्थापना ब्रिक्स के ही पांच देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और साऊथ अफ्रीका) ने की हैं और इसके पहले अध्यक्ष भारत के प्रतिष्टित बैंक के पूर्व चेयर मैन रहे केवी कामथ को बनाया गया हैं I

केवी कामथ अगले पांच सालों तक इसके चेयर मैन बने रहेंगे I श्री कामथ के मुताबिक यह बैंक किसी भी अन्य संस्थान के साथ प्रतिद्वंदिता नहीं करेगा I उनके अनुसार यह बैंक विकास एक नई राह पर चलेगा और अन्य देशों के विकास में ठीक उसी प्रकार से सहयोग देगा जैसे विश्व बैंक आदि कर रहे हैं I

पांचों ब्रिक्स देशों के केंद्रीय बैंको ने पिछले वर्ष जुलाई के महीने में मॉस्को में बैंक परिचालन समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। एनडीबी में अधिकतम 41 अरब डॅालर का योगदान चीन करेगा। इतना ही योगदान ब्राजील और रूस करेंगे। दक्षिण अफ्रीका पांच अरब डॅालर डालेगा। इस बैंक का मुख्यालय शंघाई में होगा। इस ब्रिक्स बैंक को विशेषज्ञों की ओर से विश्व बैंक, मुद्राकोष और एशियाई विकास बैंक का विकल्प बताया जा रहा है। एनडीबी विकासशील देशों की विकास परियोजनाओं को भरपूर वित्तीय मदद प्रदान करेगा।

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