अजब प्रेम की गजब कहानी: एक ने शादी से इनकार पर पिया जहर, दूसरी गंगा में कूदी, तीसरा बचाने में मरा,

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वाराणसी: तीन सप्ताह पूर्व गंगा में मिले दो किशोरियों और एक युवक के शव मिलने पर सनसनी फैल गयी थी। रामनगर पुलिस ने मामले का खुलासा किया तो सभी सकते में रह गये। दरअसल मामला प्रेम-प्रपंच से जुड़ा था। एक दोनों किशोरी अपने प्रेमी के संग घर से भाग गयी थी। थाने में दोनों के अपहरण का मुकदमा भी कायम हुआ था। किशोरी ने अपने प्रेमी पर विवाह के लिए जोर दिया तो उसने इनकार कर दिया। इस पर उसने जहर खा लिया। मौत होने के बाद दोनों युवक शव को लेकर आये और गंगा में फेंक दिया। यह देख सहेली भी जान देने की नीयत से गंगा में कूद गयी। बचाने के लिए उसके प्रेमी ने गंगा में छलांग लगायी लेकिन वह भी डूब गया। एसएसपी नितिन तिवारी ने शुक्रवार को पुलिस आफिस में इस मामले में गिरफ्तार चंदन विश्वकर्मा को पेश किया तो उसने सब कुछ कबूल किया।

सर्विलांस की मदद से खुला ब्लाइंड केस-

दरअसल रामनगर थाने में 23 मई को बबिता मौर्या के अपहरण का मुकदमा अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुआ था। इस मामले की विवेचना हो रही थी कि पहली जून को नगमा बानो के अपहरण का मुकदमा उमेश मौर्या के खिलाफ दर्ज हो गया। पुलिस दोनों किशोरियों की तलाश कर रही थी कि सर्विलांस के माध्यम से पता चला कि उमेश के मोबाइल फोन का इस्तेमाल चंदन विश्वकर्मा कर रहा है। चंदन को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो पूछताछ में चौकाने वाले खुलासे हुए।

चंदन का कहना था कि उसका बबिता और उमेश का नगमा से प्रेम-प्रपंच चल रहा था। दोनों बाइक से अपनी प्रेमिका को लेकर 16 मई को घुमाने के लिए चुनार गये थे। वहां पर बबिता शादी के लिए जिद करने लगी। इनकार करने पर बबिता ने जहर खा लिया। इलाज के लिए उसे लेकर निजी अस्पताल गये लेकिन वहां पर डाक्टर ने पुलिस केस बताते हुए इनकार कर दिया। बबिता को लेकर वह चक्कर लगाते रहे और मौत होने के बाद शव को गंगा में फेंक दिया।

सहेली की दशा देख नगमा ने भी गंगा में छलांग लगा दी। उमेश अपने दोनों मोबाइल चंदन को देकर बचाने के लिए गंगा में कूदा लेकिन निकल नहीं पाया। तीनों के शव 19 मई को गंगा किनारे मिले थे। गिरफ्तारी में एसओ रामनगर राजीव सिंह के अलावा कस्बा चौकी इंचार्ज सदानंद राय की अहम भूमिका रही।

रिपोर्ट- सर्वेश कुमार यादव 

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