क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट ऐक्ट का सशक्त विरोध, क्यों ?…

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गोरखपुर(ब्यूरो)- “क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट ऐक्ट” लागू होने के बाद आम सम्मानित जनता का जीवन और स्वास्थ्य खतरे में पड़ जायेगा। इलाज पांच गुना से भी अधिक महंगा हो जाने, सत्ताइस विभागों के दखल, इन्स्पेक्टर राज कायम हो जाने, भ्रष्टाचार बढ जाने से, कारपोरेट फ्रेंडली इस ऐक्ट के कारण आम जनता का स्वास्थ्य व जीवन के मौलिक अधिकार पर तगड़ा प्रहार होगा।

२०१० में लोकसभा में बिना किसी बहस के आनन फानन में पारित इस ऐक्ट को वापस लेना ही जनहित में होगा। अगर वापस नहीं होता तो ब्यवहारिक संसोधन जनहित में अंततः आवश्यक है। एकल परामर्श व पाली परामर्श क्लिनिक, बजट नर्सिंग होम, एकल डायग्नोस्टिक सेंटर आदि को ऐक्ट से मुक्त रखना होगा , जिससे ८५% आम सम्मानित आम नागरिको को उनकी अफोर्डेबल कैपेसिटी में उन्हे चिकित्सकीय सेवाएं मिल सकें। इसलिए/वर्ना मिनिमम स्टैंडर्ड को पूरा करने में असमर्थ ये संथान या तो बंद हो जायेंगे या इतने महंगे कि जनता इलाज के अभाव में परेशान हो जाने को मजबूर हो जायेगी। कार्पोरेट फ्रेंडली, विदेशी धनाढ्य देशों के लिए मुफीद यह ऐक्ट भारत वर्ष में लोगों की सेहत व जीवन पर अप्श्रत्यक्ष रूप से गंभीर प्रहार साबित होगा।सरकार इस पर राष्ट्रीय बहस कराये। आई एम ए भी इस मुद्दे पर हताश नजर आ रही है।बहुत संघर्ष किया है उसने विगत सात वर्षों में।

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के तहसील प्रभारी एवं व्यापारी नेता भुवनपति निराला ने कहा कि अब आम जनता को भी इस ऐक्ट के विरोध में आगे आना होगा। अपने स्वास्थ्य व जीवन के मौलिक अधिकार को बरकरार रखने के लिए आप सब से अनुरोध है कि ऐक्ट को निरस्त कराने या कम से कम इसमें आम जनता के हित में बजट संस्थान को मुक्त कराने के लिए असरदार आवाज उठायें। यही जनहित में और लोकतांत्रिक साबित होगा। बने हुए नेशनल प्रोग्राम को लागू कराने के लिए आवाज बुलंद करने की जरूरत है। असरदार आवाज। मीडिया के माध्यम से ही, जनता के माध्यम से भी आपका , मित्रों क्या सहयोग मिलेगा, मैं आश्वस्थ हूं।

इस अवसर पर रंजीत सर्राफ, ओम प्रकाश वर्मा, राजेश जयसवाल दवा वाले, अतुल अग्रवाल, संदीप सुरेका, सोहन गुप्ता, संतोष अग्रवाल, राजेश जी लाख, नागेंद्र नाथ जायसवाल, राजेश पासवान, शकील अहमद, अवधेश जायसवाल, दिलीप जायसवाल, योगेंद्र जायसवाल, नंदलाल जायसवाल, ईश्वर जायसवाल, विश्वजीत जायसवाल, प्रभुनाथ गुप्ता, जितेंद्र गुप्ता, राजेश वर्मा व अन्य लोग उपस्थित रहे l

रिपोर्ट- अरुण कुमार

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