श्री कृष्ण के चरित्र का परिपूर्ण वर्णन ही है श्रीमद्भागवत कथा

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मीरजापुर(ब्यूरो)- श्री कृष्ण के चरित्र का परिपुर्ण वर्णन ही श्री मद्भागवत कथा है । यह बात लालडिग्गी, मीरजापुर मे चल रहे भागवत कथा के सातवे दिन आचार्य तेजमणी त्रिपाठी ने श्रोताओ को कथा का रसपान कराते हुए कही । कथा श्रवण मात्र से ही भक्तो का भूत, बर्तमान और भविष्य सुधर जाता है। कथा से भक्ति , ज्ञान व बैराज्ञ प्रदान करती हुई मानव जीवन को मुक्ति प्रदान करने का प्रमुख साधन है। यह कथा भवसागर से पार पाने का एक सरलतम मार्ग है। भागवत कथा मे रासलीला, मथुरागमन, कंसबध, बासुदेव देवकी मिलन, गुरूकुल यात्रा, द्वारिकापुरी निर्माण, श्री कृष्ण रुक्मणि बिवाह का झांकी दिखा कर और वर्णन सुनाकर श्रोताओ को भाव बिभोर कर दिया । कहा कि कथा कथा है जीवन की ब्यथाओ को दूर करती है । जो मनुष्य अपने जीवन मे कथा के एक शब्द को उतार लेता है उसका जीवन धन्य हो जाता है ।कहा गया है कि * एक घड़ी आधीघड़ी आधी मे पुनिआध , तुलसी संगत साधू की कटै कोटि अपराध ।*।संत समागम हरि कथा , तुलसी दुर्लभ होइ ।की ब्याख्या करते हुए बताया कि कलयुग मे संतो का संग और कथा दुर्लभ होगी ।जिस मनुष्य को सुनने का तथा कथा करवाने का अवसर मिलेगा उसका लोकऔर परलोक सुधर जाएगा ।जीवन मे कथा सुनने का बहुत बढ़ा महत्व है ।कथा और सत्संग हमेशा सुनते रहना चाहिए ।सब काम भगवान को समर्पित हो कर करना चाहिए ।यही भक्ती है ।

रिपोर्ट- अंशू मिश्रा

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