मुलायम ने कहा, ‘शासक का वचन ही उसका धर्म होना चाहिए’

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लखनऊ : बाहुबली- 2 देखने के बाद सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव भी अब राजनीति को लेकर नई योजनाओं पर विचार कर रहे हैं।बाहुबली ने जिस तरह से सामाजिक राजनीतिक गलियारों में चर्चा के लिए अपनी जगह बना ली है और खासकर एक राजा का सेवक किस तरह से काम करता है । इस फ़िल्म के जरिए राजनीति को भी देखने का मुलायम सिंह का अपना नजरिया हो सकता है। अपनी ही पार्टी में अकेले पड़ चुके मुलायम सिंह यादव ने कल फिल्म बाहुबली-2 देखने गये थे। अपने आठ साथियों के साथ गोमतीनगर के वेव मॉल में सपा प्रमुख इस फिल्म के मशहूर डायलॉग -‘मेरा वचन ही शासन है’ से प्रभावित दिखे। मुलायम के साथ उनके बरसों पुराने साथी कुंवर बलवीर सिंह, एमएलसी आशु मलिक और मुकेश चौधरी सहित पांच अन्य लोग भी थे। फिल्म देखने के दौरान मुलायम अपने साथियों से बोले कि शासक का वचन ही उसका धर्म होना चाहिए।

मंगलवार शाम जैसे ही यह पता चला कि मुलायम फिल्म देखने गए हैं, थिएटर के बाहर मीडिया की भीड़ लग गई। पिक्चर के बाद मुलायम बाहर निकले तो उनसे पहला सवाल यही हुआ-कैसी रही फिल्म? जवाब था, ‘बहुत कम फिल्म देखी हैं, मगर पिछले 15 वर्षो में जितनी देखीं, उनमें यह सबसे अच्छी फिल्म है। आप लोग भी देखिए।’ पत्रकारों ने उनसे अखिलेश यादव, पार्टी और राजनीति पर सवाल पूछे मगर उन्होंने ऐसे एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया। ध्यान रहे, बीती एक जनवरी को मुलायम सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाने के बाद अखिलेश यादव ने सार्वजनिक रूप से अपने पार्टीजन से कहा था कि, तीन महीने बाद वह सब कुछ नेताजी को वापस लौटा देंगे। तब से शिवपाल यादव व अपर्णा यादव तो कई बार, खुद मुलायम भी कभी-कभी अखिलेश को उनका वादा याद दिला चुके हैं। ‘हाशिए पर है राजनीति’ सपा के संस्थापक अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव अपने दल की राजनीति में फिलहाल हाशिये पर हैं। सपा की किसी भी गतिविधि में उनकी अब कोई भागीदारी नहीं है। थिएटर में उनके लिए स्पेशल शो आयोजित किया गया था। मुलायम काफी खुश नजर आ रहे थे। इससे पहले मुलायम सिंह यादव इसी थियेटर में अभिनेता रणवीर सिंह की फिल्म बाजीराव मस्तानी देखने भी गए थे। तब उन्होंने बुंदेलखंड की मस्तानी के पराक्रम को खासा सराहा था। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बाजीराव मस्तानी को प्रदेश में टैक्स फ्री किया था

रिपोर्ट- मिंटू शर्मा

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