साइकिल- हाथी और कमल पर थाली की ताता थईया

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भदोही(ब्यूरो)– भदोही और पूर्वांचल की राजनीति में दबंग से परिभाषित विजय मिश्र की बगावत सपा के साथ दूसरे दलों के लिए भी भारी दिखती हैं। इसकी अग्नि परीक्षा आज यानी 08 मार्च को होगी। उनकी ताकत का एहसास इसी से लगाया जा सकता है कि भाजपा के राष्टीय अध्यक्ष अमितशाह और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अपनी चुनावी सभाओं में उन्हें टारगेट करना पड़ा। समाजवादी पार्टी से टिकट न मिलने के बाद वह बगावत के बाद निषाद पार्टी से चुनाव लड़ रहे हैं। ज्ञानपुर विधानसभा में वह सपा, भाजपा को सीधी टक्कर दे रहे हैं।
विजय मिश्र की तागत से सपा और भाजपा जैसे दलों में खलबली मच गयी है। चुनाव को अपने पक्ष में रखने के लिए विजय मिश्र ने सारी तागत झोंक दिया है। चुनावी सभाओं के होड़ में उन्होंने निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद को अपनी चुनावी सभा में हेलीकाप्टर से उतरा और भीड़ में भी सपा, बसपा और भाजपा को चुनौती दी। विजय मिश्र लगातार तीन बार से ज्ञानपुर से चुनाव जीत रहे हैं। चौथी बार वह चौका लगाने के फिराक में हैं। उन्होंने इस चुनाव को प्रष्तिठा का सवाल बना लिया है। दूसरी बात यह सीएम अखिलेश और उनकी समाजवादी पार्टी के लिए किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं होगा। पुलिस पर पिछले दिनों उनके काफिले को रोकने का भी आरोप लगा था।

इस चुनाव को अगर विजय मिश्र फतह कर लेते हैं तो यह उनका नया राजनीतिक अवतार होगा। लेकिन अगर पराजित होते हैं तो यह उनकी राजनीति के लिए खतरनाक भी साबित होगा। क्योकि भाजपा के राष्टीय अध्यक्ष अमितशाह ने ज्ञानपुर की चुनावी सभा में उन पर सीधा हमला बोला। शाह ने कहा की निषाद पार्टी से लड़ रहे यहां के एक नेता कह रहे हैं की मुझे जीताइए मैं जीत के बाद भाजपा में चला जाउंगा। भीड़ से बोले आप लोग किसी भूल में न रहें भाजपा की सरकार बनी तो ऐसे लोगाों की जगह जेल में होगी। विजय अगर चुनाव जीतते हैं तो ब्राहमण राजनीति में उनकी अलग पहचान साबित होगी। उन्होंने जेल में रहकर भी चुनाव जीता है।

रिपोर्ट- राजमणि पाण्ड़ेय
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