दो बच्चों के साथ भटक रही तीन तलाक की शिकार महिला

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लालगंज/रायबरेली(ब्युरो)- कोतवाली क्षेत्र के बहादुरगंज मजरे युसूफपुर की मुस्लिम महिला नसीरूल तीन तलाक की शिकार होकर नंगे पैर थाना पुलिस के चक्कर काटने को मजबूर है।

कोतवाली पहुंची पीडित महिला नसीरूल ने अपनी व्यथा सुनाते हुये बताया कि उसके शौहर सग्गन अली ने तीन दिन पहले मामूली विवाद व तीसरी पत्नी रेसमा के चलते तीन तलाक देकर उसे बेघर कर दिया है। तब से पीडित महिला नसीरूल न्याय के लिये पुलिस थाने के चक्कर काट रही है।

पीडित महिला ने बताया कि उसका निकाह सात वर्ष पहले बहादुरगंज निवासी सग्गन के साथ हुआ था। जबकि उसके पूर्व भी सग्गन ने निकाह किया था। सग्गन की पहली पत्नी बीमारी के चलते मर गयी थी। उसके बाद सग्गन ने उसके साथ निकाह किया था। तब से वह अपने पति के साथ गुजर बसर कर रही थी। वर्तमान मे दो बच्चे चार वर्षीय जमील व दो वर्षीय सकील हैं। अभी तीन माह पहले उसके पति सग्गन ने बिना उसकी मर्जी के रेसमा नामक महिला से तीसरा निकाह भी कर लिया था तभी से उसका पति उसके साथ दुव्र्यवहार करता आ रहा है। बीते दिन पहले उसने उसे तीन तलाक देकर त्याग दिया है। तभी से वो थाना कचहरी के चक्कर काटने को मजबूर है। तलाक से बेसहारा हुयी यह महिला बदहाली की शिकार हो चुकी है।

हालात यह है कि उसे नंगे पैर ही दरदर भटकना पड़ रहा है। गरीबी और अपनी मजबूरियों के चलते पीड़ित महिला अपने मामले की ठीक से पैरवी भी नहीं कर पा रही है। समाज के लोग इसे धार्मिक और संवेदनशील मामला मानते हुये मदद के लिये आगे नहीं आ रहे हैं। सरकारी अमला भी पीड़ित महिला को कोई ठोस मदद नहीं दे रहा है।

रिपोर्ट- राजेश यादव

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