कमीशनबाजी में फंसे गंडक परियोजना के तीन अभियंता

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गोरखपुर(ब्यूरो)- सिचाई विभाग की गंडक मंडल कार्य मंडल-२ के मुख्य अभियंता आरपी यादव, अधीक्षण अभियंता आरडी यादव और अधिशासी अभियंता बीरेन्द्र कुमार कमीशनबाजी के चक्कर में कार्रवाई की चपेट में आ गये है|
ई-टेंडरिंग के बाद भी ठेका देने के एवज मे संबंधित अफसर पर एक ठेकेदार से बारह प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप था| इसकी वाइस रिकार्डिंग की सीडी बनी है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक शिकायत पहुंची| इसी आधार पर तीनो अफसरों को निलंबित किया गया है|

सिचाई विभाग मे करीब २०० करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृति हुई थी, यह काम महराजगंज डिविजन का था लेकिन इसे गोरखपुर डिविजन में लाया गया| चहेते ठेकेदारों को काम मिला फिर बिना काम कराये ही एडवांस भुगतान कराया गया जिसकी शिकायत पिछली सरकार में की गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी|

अब शिकायतकर्ता ने मामले की पैरवी की और कार्रवाई हो गई प्रमुख अभियंता पीके सिंह के आदेश पर मामले की जांच सिचाई विभाग के मुख्य अभियंता(स्तर प्रथम) राकेश श्रीवास्तव ने की थी| जांच मे कमीशनबाजी और मनमाने ढंग से टेंडर दिये जाने का तथ्य सामने आया मामले की जां मुख्य अभियंता बाढ़ सागर इलाहाबाद को ट्रांसफर कर दी गई है| बाद मे मामला खुला और सिचाई मंत्री ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई किये|

जांच की जद में एक नेता-

सिचाई विभाग के मुख्य अभियंता अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता एक नेता पर बिशेष मेहरबान थे इसी का नतीजा रहा कि नेता के चहेते को गोरखपुर सहित आस-पास के जिलो मे कई ठेके भी दिये गये|

रिपोर्ट- जयप्रकाश यादव

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