तीन जर्सी गायों की मौत से पशु पालकों में दहशत

प्रतीकात्मक

बलिया(ब्यूरो)- सहतवार क्षेत्र के ग्राम सभा बलेऊर मे एक सप्ताह मे बीमार पड़ने से तीन जर्सी गायों की अचानक मौत से पशु पालको मे दहशत फैल गया है। बीमारी के लक्षण के बारे मे लोगो का कहना है कि पहले दिन पशु बीमार पड़ते है। दूसरे दिन खाना पीना छोड़ देते है। तीसरे दिन पेट फुल जाता है। जिससे पशु पालको मर जाते है। दवा कराने पर भी दवा को कोई असर नही होता है।

बलेऊर निवासी सरस्वती देवी की जर्सी गाय (लगभग 60 हजार की) बीमार पड़ी और तीसरे दिन एक जून को मर गयी। बलेऊर निवासी परशुरामकन्नौजिया की जर्सी गाय बीमार पड़ी और तीसरे दिन 2 जून को मर गयी। ऐसी बीमारी से ही बलेऊर के ही निवासी गोलू पाण्डेय जर्सी गाय बीमार पड़ी और तीसरे दिन 7 जून को मर गयी। संयोग ऐसा था कि सभी जर्सी गायो की बीमारी के लक्षण एक जैसा ही था। अचानक एक जैसी बीमारी से ही जर्सी गायो की ही मृत्यु से जर्सी गायो के पालने वालो मे दहशत व्याप्त हो गया है।

पशुओ को गलाघोटू का टीका अवश्य लगवायें : श्रीराम सिंह
इसके बारे मे पशु विभाग के फर्मासिस्ट श्रीराम सिंह से पूछे जाने पर बताया कि यह पशुओं के टीम्पनाईटीज बीमारी का लक्षण है जो अक्सर मवेशियो को उल्टा सीधा खाना खिलाने से होता है। कुछ लोग ऐसे है जो अपने मवेशी को शादी विवाह मे बचा भोजन चारे की जगह खिला देते है। कई दिन के जूठा भोजन जिसका बर्तन कभी साफ भी नही किया जाता है। एक जगह इकठ्ठा करके रखा रहता है उसे पशुओ को खिला देते है। वही कभी कभी पशुओ को दूध बढाने के लिए बिना चारे के गाढा घोल पीला देते है। जिससे पशुओ को खाना पच नही पाता है और पशु बीमार पड़ जाते है।

उन्होंने बताया कि पशुओ को हमेशा खाना चारे के साथ ही देना चाहिए, जिससे खाना पच सके। अगर कोई पशु बीमार पड़े तो नीम हकीम को न दिखाये। इसकी सूचना तुरन्त डाक्टर दे ताकि पशु का समय से ईलाज हो सके। आजकल पशुओ का गलाघोटू का टीका लगाया जा रहा है जो पशु पालक है। समय से आकर टीका लगवा ले। आजकल राष्ट्रीय पशुधन बीमा योजना के तहत पशुओ का बीमा का रजिस्ट्रेशन पशु हास्पिटल पर हो रहा है जो पशुपालक अपने पशुओ के बीमा कराने के इच्छुक है। आकर रजिस्टेशन करा लें। एक सप्ताह बाद फार्म आने पर पशुओ का बीमा का कार्यक्रम शुरु होगा।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY