समय ही अपनों की पहचान दिलाता है- मिथलेश यदुवंशी

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पटना(बिहार)– दिल में अगर मंजिल पाने की जज्वा हो तो सच में सफलता उसके कदम चूमने लगते हैं। ठीक उसी तरह जमुई जिला के गिधौर प्रखंड के ग्राम नयागांव के रहने वाले भोजपुरी स्वर सम्राट व अभिनेता मिथलेश यदुवंशी ने म्युज़िक एल्बम से अपने कैरियर की सुरुवात सुरुवात किया था। वे बारहवीं क्लास तक पढाई किये हैं अब मिथलेश पढाई के साथ साथ गायिकी के माध्यम से फ़िल्म में भी कदम रख चुके हैं। वर्ष दो हजार सोलह में श्री यदुवंशी ने चार भोजपुरी फिल्मों में अपना मधुर आवाज देने के साथ साथ एक्टर के रूप में भी अपना भूमिका निभाए हैं।

आपको बताते चलें कि बिगत पांच बर्षों में मिथलेश यदुवंशी बिहार झारखण्ड व उत्तर प्रदेश के सम्पूर्ण क्षेत्रो में अलग पहचान से जाने जाते हैं। मिथलेश यदुवंशी कहते हैं कि मुझे बचपन से ही गायिकी का सौख था । घर में मम्मी पापा व चाचा जी लोग गायिकी को खराव मानते थे, फिर भी हमने संगीत को दिल में बसाये रखा और हमने बिहार झारखण्ड के कई रियलिटी शो में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया । फिर भी मेरे घर वालों ने मेरे काम को नकारता रहा जब मैं क्षेत्रिये चैनलों पर दिखने लगा और हमारे गाने सभी लोग सुनने लगे तब मेरे घर वालों ने मेरा काम को समझा और हमें खुलकर सपोट करने लगे। मिथलेश यदुवंशी को पहचान दिलाने में ,शशि भूषण, चुनचुन आर्मी, प्रमोद जी, जागेस्वर यादव, पवन यादव(मुखिया जी)छोटन यादव, सिंघेशवर जी, चुलबुल जी, मनोज मंडल, वरिष्ठ पत्रकार अभय सिंह जी का बहुत बड़ा योगदान रहा ।

क्योंकि गायक व अभिनेता मिथलेश यदुवंशी के पिता श्री गुलेश्वर यादव चाचा श्री बिरजू यादव व श्री राजो यादव कृषक थे । खेती के माध्यम से ही अपने परिवार का भरण पोसन करते थे । मिथलेश यदुवंशी एक गरीव परिवार में जन्म लेकर अपना और अपने जिला का मान-सम्मान बढ़ाया। नये कलाकारों को लगता है कि शार्ट कर्ट से जल्दी कामयावी हासिल किया जा सकता है, ऐसी ही सोंच उनके लिए मुसीवत बन जाते हैं। इसलिए जो भी करना चाहिए मेहनत लगन से ताकि आपको सही मार्ग मिल सके।

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