चिकित्सालयों में चिकित्सकों, कर्मचारियों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराने हेतु बायोमैट्रिक सिस्टम लगाये जाये: विजय कुमार गुप्ता

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मैनपुरी(ब्यूरो)-चिकित्सालयो में चिकित्सकों, कर्मचारियों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराने हेतु बायोमैट्रिक सिस्टम लगाये जाये और बायोमैट्कि सिस्टम से ही उपस्थिति सुनिश्चत कराई जाये| जिस एमओआईसी द्वारा बायेामेैट्कि हाजिरी उपलब्ध नहीं करायी जायेगी| उनका अगले माह का वेतन आहरित नहीं हो सकेगा, चिकित्सक प्रतिदिन प्रातः 8 बजे चिकित्सालय में उपस्थित रहकर आने वाले गरीब, निर्धन असहाय मरीजो की सेवा करें, चिकित्सालय, परिसर में पर्याप्त साफ-सफाई सुनिश्चित हो, पोर्टिकों में कोई भी वाहन खड़ा न किया जाये, आशा, एएनएम का समय से शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित किया जाये, एम.सी.टी.एस पोर्टल पर गर्भवती महिलाओ, बच्चों की फीडिंग में सुधार लाया जाये, अनटाइल्ड फण्ड को शत प्रतिशत व्यय किया जाये। आशा, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियो को शौचालय निर्माण की देखरेख हेतु लक्ष्य निर्धारित कर उपलब्ध कराये जाये। ज्यादा से ज्यादा संस्थागत प्रसव कराये जाये।

उक्त निर्देश मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार गुप्ता ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की समीक्षा के दौरान दिये। उन्होने जननी सुरक्षा येाजना की प्रगति की समीक्षा करने पर 928 भोैतिक उपलब्धि के सापेक्ष मात्र 455 प्रसूताओं को धनराशि उपलब्ध कराये जाने पर असन्तोष व्यक्त करते हुए प्र. अधिकारी करहल, बरनाहल, बेवर, कुरावली को चेतावनी देते हुए गुणात्मक सुधार लाये जाने के निर्देश दिये अन्यथा दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। उन्होने उपस्थित सभी एमओआईसी को निर्देशित किया कि वह सभी कार्याे पर पैनी नजर रखें, अधीनस्थों पर निर्भर न रहे तभी सभी कार्य समय से पूर्ण हो सकेगें, प्रसूताओ को 102 एम्बुलेन्स मे माध्यम से बैकड्राप की सुविधा उपलब्ध करायी जाये। समीक्षा में पाया कि 221 आशाओ के मानदेय का भुगतान किया जाना था, जिसके सापेक्ष अभी तक 31.48 प्रतिशत आशाओ के मानदेय का भुगतान किया गया है| इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद आशाओ के मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है, यह स्थिति ठीक नहीं है। उन्होने कहा कि सभी प्रसव संस्थागत कराये जाये, प्रसव के पश्चात प्रसूता को 48 घण्टे रोका जाये और उसे निःशुल्क भेाजन उपलब्ध कराया जाये| यदि प्रसूता को निर्धारित अवधि से पूर्व डिस्चार्ज किया गया तो एमओआइसी जिम्मेदार होगें| साफ सफाई हेतु उपलब्ध कराये गये अनटाइल्ड को व्यय किया जाये, चिकित्सक अपने दायित्वो के प्रति गभ्भीर रहें और लोगो की निस्वार्थ भाव से सेवा करें।

श्री गुप्ता ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा मे पाया कि कुचैला द्वारा 276 वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष 12 विद्यालयो, मानपुरहरी द्वारा 276 वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष 13 विद्यालयो का अभी तक भ्रमण किया गया है। मदर एण्ड चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम कार्यक्रम की समीक्षा में पाया कि 53554 बच्चो के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष 1671 बच्चो, 61878 गर्भवती महिलाओ के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष 5203 की ही एम.सी.टी.एस. पोर्टल पर फीडिंग की गयी है, जो अत्यन्त निराशाजनक है, परिवार नियोजन कार्यक्रम में महिला, पुरूष नसबन्दी की प्रगति काफी खराब पाये जाने पर असन्तोष व्यक्त करते हुए इसमें सुधार लाने के निर्देश दिये| उन्होने कहा कि प्र. चिकित्साधिकारी सुनिश्चित करे कि शासन द्वारा जन सामान्य को स्वास्थ्य संबंधी सभी सुविधाएं चिकित्सालय में आसानी से मिले, सभी लक्षित बच्चो का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण हो, उन्हें समय से सभी टीके लगाये जाये। एएनएम आशा क्षेत्र में सक्रिय रहकर लोगो को स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करें। उन्होनेे अन्धता निवारण, बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम आदि की बिन्दुवार गहन समीक्षा की।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 शरद कुमार वर्मा, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी रामकिशन, डा.राजीव राय, डा. जी.पी. शुक्ला, डा. अश्वनी अरोरा, जिला क्षय रोग अधिकारी डा. सी.एम यादव, संजीव वर्मा डीपीएम सहित प्रभारी चिकित्साधिकारी आदि उपस्थिति रहे।

रिपोर्ट- दीपक शर्मा 

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