गरीब की सेवा से आती है समरसता: मुकेष सिंह

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रायबरेली ब्यूरो : डॉ भीमराव अंबेडकर जयन्ती के उपलक्ष में विकास क्षेत्र खीरों के अन्तर्गत स्थित प्राथमिक विद्यालय किशुनखेड़ा में सामाजिक समरसता संगोष्ठी का आयोजन किया गया । राष्ट्रीय शैक्षिक महा संघ उत्तर प्रदेश के बैनर तले आयोजित इस गोष्ठी का शुभारम्भ मुख्य अतिथि समाज सेवी मुकेश सिंह ने सरस्वती और अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ववलित कर किया ।

गोष्ठी को सम्बोधित करते हुये अखिल भारतीय संगठन मंत्री ओमपाल ने बताया की अम्बेडकर विश्व के सबसे अधिक शिक्षित व्यक्ति थे। उन्होने समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा को ही हथियार बनाया । अम्बेडकर जी ने समाज को तीन मंत्र दिये थे शिक्षित , संगठित रहो और संघर्ष करो । इन्ही मंत्रों की बदौलत समाज का विकास हुआ । वह किसी समाज विशेष के अग्रणी नहीं थे बल्कि उन्होने देश के लिए त्याग और तपस्या की । गोष्ठी के मुख्य अतिथि समाज सेवी मुकेश यादव ने कहा कि असली समरसता समाज के अत्यंत गरीब और असहाय की सेवा करने से होती है । बिना किसी भेदभाव के सभी को एक साथ मिलकर समाज और देश के लिए काम करना चाहिए । व्यक्ति जब खुद को बदलेगा तब समाज बदलेगा । समरसता से ही समाज शक्तिशाली होता है । कार्यक्रम की अध्यक्षता अमरेश और संचालन भगौती सिंह ने किया । इस मौके पर उच्चतर शिक्षा आयोग के सदस्य डॉ दृगपाल सिंह , बीईओ खीरों रवी कुमार सिंह , बीईओ बछरावा पद्म शेषर मौर्य , नीलम सिंह , दुर्गेश सिंह , शिवशंकर , शिवमोहन , मधुरिमा बाजपेयी , संजय कनौजिया सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

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