घटिया भोजन से नाराज किशोरों ने बोला धावा हमला तोड़फोड़

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वाराणसी (ब्यूरो) रामनगर स्थित बालसुधारगृह में बंद संवासी किशोरों ने घटिया खाना और पिटाई से नाराज होकर शनिवार को जमकर बवाल किया | उग्र बंदियों ने वहां जमकर तोड़फोड़ कर बंदी रक्षकों के साथ मारपीट की और वहां खड़ी बाइक में भी आग लगा दी | इस दौरान मची भगदड़ का लाभ उठा कर दो किशोर गेट फांद कर भाग निकले | यह देख बंदी रक्षकों के हाथ-पांव फूल गए, उन्होंने तत्काल पुलिस को खबर की | सूचना पाते ही मौके पर एसएसपी नितिन तिवारी भारी फोर्स के साथ पहुंच गए |

आज सुबह बाल सुधार गृह में बंद कुछ किशोर नहाने के लिए बाथरुम जा रहे थे, इसी दौरान कर्मचारियों से उनका विवाद हो गया लामबंद उग्र किशोर बंदी सुधार गृह में रखे टीवी और कंप्यूटर और अन्य सामान को पटक-पटककर तोड़ने लगे यह देख उन्हें रोकने पहुंचे बंदीरक्षकों से भी किशोर मारपीट करने लगे मारपीट में कर्मचारी सुरेंद्र बहादुर सिंह, विकास, प्रकाश निषाद, भोला यादव जख्मी हो गए इसके बावजूद कर्मचारी उन्हें रोकने की कोशिश में लगे रहे |

इसी बीच कुछ बंदियों ने सुधार गृह में रखी कर्मचारियों के बाइक में आग लगा दी | देखते ही देखते बाइक आग का गोला बन गई, लामबंद उग्र बंदी नारेबाजी कर मुख्य द्वार की ओर बढ़ने लगे इसी दौरान भगदड़ का लाभ उठाकर गाजीपुर नोनहरा निवासी दुष्कर्म के आरोप में बंद किशोर चंदन और भेलूपुर निवासी छिनैती के आरोप में बंद सनी चौहान गेट फांद कर भाग निकले |

यह देख कर्मचारियों ने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी, सूचना पाते ही राम नगर पुलिस के साथ एसपी सिटी और सीओ मौके पर पहुंच गए इसके बावजूद भी बवाल नहीं थमा तो अफसरों ने उच्च अधिकारियों को सूचित किया सूचना पाते ही एसएसपी नितिन तिवारी कई थानों की फोर्स के साथ पीएसी के जवानों को लेकर वहां पहुंचे और बवाल काट रहे बंदियों को कमरों से निकाल मैदान में एक जगह जुटाकर उनकी बात सुनी तथा समझा बुझाकर शांत कराया और उनकी काउंसलिंग भी कि इस दौरान किशोर आरोप लगाते रहे कि उन्होंने घटिया खाना खाने को दिया जाता है, विरोध या शिकायत करने पर बंदी रक्षक एक एक कमरे में बंद कर उन की जमकर पिटाई करते हैं | उधर रामनगर पुलिस ने भाग रहे बंदी चंदन बिंद को राम नगर चौक के निकट से दबोच लिया जबकि फरार दूसरे बंदी सनी चौहान की गिरफ्तारी के लिए दबिश में जुट गई आपको बताते चलें कि इस तरह की शिकायतें यहाँ बराबर मिलती रहती हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जाता है |

रिपोर्ट – रविंद्रनाथ सिंह

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