सड़कों पर फैली गिट्टियों से हो रहा आवागमन दु:खदायी

कुशीनगर(ब्यूरो)- प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने का शासन द्वारा दिए आदेश की समय सीमा 15 जून समाप्त हो गई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की तमाम क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। कुछ सड़कों के गड्ढों की पैचिंग कराई गई, लेकिन कोरमपूर्ति की वजह से वे उबड़-खाबड़ हो गई हैं। मानक के विपरीत हुई मरम्मत ने राहगीरों को राहत देने की बजाय मुश्किलों में इजाफा कर दिया। सरकार के फरमान के बाद सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान चला। कुछ पर अभी भी काम चल रहा है, गड्ढे भरे जा रहे हैं। मैटेरियल डालकर गड्ढे भरते समय उस हिस्से को ठीक से समतल नहीं किया जा रहा। यही वजह है कि गड्ढा भरने के बाद भी वाहन हिचकोले ले रहे हैं।

लोक निर्माण विभाग का दावा है कि आधे से अधिक सड़कें गड्ढामुक्त हो गई हैं। पैचवर्क की स्थिति यह है कि कई जगहों पर सड़क फिर पुरानी हालत में आ गई हैं। मरम्मत के बाद उखड़ने से सड़कें और खतरनाक हो गई हैं। सड़क पर बिखरी छोटी गिट्टियां वाहनों का संतुलन बिगाड़ रही हैं। खजुरिया-बलकुड़िया, सूरजनगर-रामकोला, खजुरिया-पटेरा, पिपरा बाजार-रामकोला आदि मार्ग इसका उदाहरण हैं।

रिपोर्ट- राहुल पाण्डेय

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