44 डिग्री तापमान में भी ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मी

0
101

वाराणसी(ब्यूरो)- वाराणसी में ट्राफिक पुलिस के लिए चौराहों पर कुछ जगहों को छोड़कर कहीं भी छतरी नहीं है जहां ट्राफिक पुलिस छांव में खड़े होकर ट्राफिक कंट्रोल कर सके| कड़ी धूप में पुलिसकर्मी को टॉयलेट जाना हो या पानी पीना हो इतने में ही कोई VIP या पुलिस अधिकारी गुजर गए तो इसका खामियाजा भी ट्राफिक पुलिस को भुगतना पड़ता है|

क्या कभी किसी ने कभी इनके दुख दर्द को देखा या सुना यह एक गंभीर विषय है-ट्राफिक पुलिस की इस गंभीर समस्या के निदान के लिए वर्तमान सरकार को गंभीरता से विचार कर उन्हें हर चौराहों पर बड़ी-बड़ी छतरी बनवानी चाहिए ताकि वह हर मौसम में ट्राफिक कंट्रोल करते रहे|

वाराणसी की ट्रैफिक पुलिस का दुख दर्द कौन सुनेगा कितनी सरकारें आई गई लेकिन ट्राफिक पुलिस की खोज खबर लेने वाला कोई नहीं! इस कड़ी धूप में जहां हम और आप 10 से 15 मिनट खड़े तक नहीं हो सकते वही ट्राफिक पुलिस दिन भर कड़ी धूप में ट्राफिक कंट्रोल करती है|

जब भी हम कहीं जाते हैं, तो हमारे दिमाग में यही रहता है कि हम अपने गंतव्य तक जल्दी से जल्दी पहुंचें। कई बार रोड खाली होती है, तो कई बार सड़कों पर जाम लग जाता है। ऐसे में सड़क के बीचो-बीच, हाथ में डंडा लिए हुए, सीटी के साथ, पसीने से लथपथ, सफेद शर्ट और खाकी पैंट पहने एक शख्स रोड को खाली करवाने की क़वायद करता है। आम बोलचाल की भाषा में इन्हें ‘ट्रैफिक पुलिस’ कहते हैं।

इनकी सच्ची निष्ठा और लगन से हमें कई परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है। आकाश में सूरज 44 डिग्री सेल्सियस के तापमान साथ अपने आवेग में रहता है, धरती भी हमें तपाने की साजिश करती है। ऐसे में ज़िंदगी की रफ़्तार हमें अहसास कराती है कि रुकना मना है, थकना मना है। अपनी मंज़िल को पाने के लिए हम आगे बढ़ते हैं।

वाराणसी के ट्राफिक पुलिस के इस दुख-दर्द को वर्तमान सरकार सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को इनकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अति शीघ्र उचित कदम उठाने की आवश्यकता है| पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा रोज रोज ट्रैफिक कंट्रोल के लिए नए-नए प्लान बनाए जाते हैं फिर भी बनारस में जाम की समस्या बनी रहती है इस का मात्र यही कारण है कि कभी-कभी ट्रैफिक पुलिस छांव में खड़ी होती है ट्राफिक गड़बड़ हो जाता है और जाम लग जाता है आखिर ट्राफिक पुलिस भी तो इंसान है|

रिपोर्ट- रविन्द्रनाथ सिंह

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here