रेल ट्रैक पर दौड़ रही तस्करी की रेल

कुशीनगर(ब्यूरो)- नेपाल व बिहार से होने वाली तस्करी की गाड़ी रेल की पटरी पर दौड़ रही है। तस्करों के लिए गोरखपुर-नरकटियागंज रेल खंड महफूज साबित हो रहा है। नेपाल व बिहार के तस्कर ट्रेनों से गांजा, ब्राउन सुगर, हेरोइन, सुपारी जैसे मादक पदार्थ तो जंगली लकड़ियां, बेत का फल, गरम मसाला, चाइनीज इलेक्ट्रानिक सामान यूपी, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि राज्यों तक पहुंचा रहे हैं। बिहार में शराब बंदी के बाद पुलिस की सक्रियता बढ़ी तो सड़क मार्ग से तस्करी पर लगाम लग गई।

सूत्रों की मानें तो जीआरपी व आरपीएफ की मिलीभगत से तस्कर रेलमार्ग से शराब की खेप बिहार भेजने लगे। शराब की तस्करी में सफल होते ही नेपाल व बिहार से जुड़े तस्कर मादक पदार्थों, लकड़ी व चाइनीज सामानों के लिए भी यही रास्ता अपना लिया है। अंग्रेजी शराब की खेप ट्रेनों से बिहार के बगहां, हरिनगर, नरकटियागंज, मुजफ्फरपुर आदि जगहों तक जीआरपी व आरपीएफ की सेटिंग से पहुंचाया जा रहा।

सूत्र बताते हैं कि जिसकी सेटिंग जीआरपी व आरपीएफ से नहीं हो पाती, उनका माल पकड़ लिया जाता है। सेटिंग होने पर माल पकड़े जाने के बाद भी छोड़ दिया जाता। ताजा मामला शुक्रवार को खड्डा रेलवे स्टेशन का है।

एक ट्रेन से अंग्रेजी शराब की खेप के साथ एक व्यक्ति पकड़ा गया। एक सिपाही द्वारा शराब सहित आरोपी को पनियहवा स्टेशन ले जाया गया। वहां सेटिंग के बाद उसे छोड़ दिया गया। जननायक एक्सप्रेस से नरकटियागंज में जीआरपी ने लावारिस हालत में 96 बोतल अंग्रेजी शराब पकड़ी।

सवाल यह उठता है कि अगर रेल खंड पर फोर्स सक्रिय है तो जननायक एक्सप्रेस में लावारिस हालत में शराब की खेप कैसे मिला। पनियहवा चौकी इंचार्ज महेंद्र शुक्ला ने इससे इंकार करते हुए कहा कि खड्डा में शराब की खेप पकड़े जाने की मुझे कोई जानकारी नहीं है।

रिपोर्ट-राहुल पाण्डेय

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