सर्विलांस योजना के तहत दिया गया प्रशिक्षण

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रायबरेली। ग्लैण्डर्स एवं फार्सी रोग के नियन्त्रण हेतु सर्विलांस योजना के अन्तर्गत जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी अनुज कुमार झा की अध्यक्षता में बचत भवन सभागार में सम्पन्न हुआ।
जिलाधिकारी ने कहा कि सम्पूर्ण जनपद में सर्वेक्षण कराकर ग्लैण्डर्स एवं फार्सी रोग से ग्रसित जानवरों का पता लगाएं, पशुपालकों से मिलकर जानकारी प्राप्त करें कि कोई पशु इस बीमारी से ग्रसित तो नही है। उन्होंने कहा कि अब तक जनपद में उक्त बीमारी का कोई भी प्रकरण प्राप्त न होने का अर्थ है कि अभी तक इसका सही ढंग से पता नही लगाया गया है। पशुपालक भी अभी इस बीमारी के प्रति जागरूक नही हैं। जिलाधिकारी ने सर्विलांस योजना द्वारा सम्पूर्ण जनपद में इस बीमारी के जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिये। सर्विलांस योजना का कार्य जनपद में स्वयं सेवी संस्था ब्रूक इण्डिया द्वारा किया जायेगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 एस0सी0 जायसवाल ने बताया कि ग्लैण्डर्स एवं फार्सी रोग घोड़े एवं गधों में पाया जाता है और यह एक जीवाणु जनित रोग है। उन्होंने बताया कि यह बीमारी पशुओं से मनुष्यों में भी फैल सकती है। इस बीमारी से ग्रस्त पशु इलाज के बाद सामान्य दिखते हुए भी बीमारी फैलाता रहता है। यह बीमारी लाइलाज और घातक है। गधों एवं खच्चर में बीमारी होने से उसे तेज बुखार आता है, नाक से स्राव आने लगता है तथा सांस लेने में तकलीफ होती है। घोड़ों में बीमारी होने से उसके शरीर पर गांठें एवं फोड़े से हो जाते हैं, जो पककर फूटने लगते हैं, पशु कमजोर होता जाता है। संक्रमित बीमारी होने के कारण इसका दूसरे पशुओं एवं मनुष्यों में फैलने का डर रहता है। इससे बचने के लिए बीमार पशुओं को स्वस्थ्य पशुओं से दूर एकान्त में रखना चाहिए, बीमार पशु का चारा पानी अलग रखा जाय। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हरीराम सिंह, संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग डा0 एस0के0 अग्रवाल, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 आर0एन0 सिंह आदि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – राजेश यादव

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